
छत्रपति संभाजीनगर कलेक्टर ऑफिस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Bogus Signature Land Scam: छत्रपति संभाजीनगर जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों, जिलाधिकारी, विभागीय आयुक्त और उपजिलाधिकारी के नाम पर नकली स्टाम्प व जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर 54 एकड़ 30 गुंठे जमीन सौदे के लिए फर्जी आदेश तैयार किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
यह मामला 27 नवंबर की सुबह उजागर हुआ। मामले में महाराणा प्रताप हाउसिंग सोसायटी निवासी नायब तहसीलदार संजय उत्तमराव शिंदे (54) ने शिकायत दर्ज कराई है।
7 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे बोड़ के नायब तहसीलदार संजय बोनवणे ने विभागीय आयुक्त के स्वीय बहायक को एक संदिग्ध आदेश हाट्सएप से भेजकर उसकी सत्यता की नांच करने का अनुरोध किया। जांच में सामने आया कि केस क्रमांक और 28 अगस्त 2025 की तारीख वाले इस आदेश पर ‘महाराष्ट्र शासन’ की मुहर चार जगह लगी थी और तीन स्थानों पर जाली हस्ताक्षर दर्ज थे।
इस तथाकथित आदेश पर विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर, जिल्हाधिकारी दिलीप स्वामी और उपजिलाधिकारी छत्रपति संभाजीनगर इन तीनों के फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए थे, साथ ही GOVT. MAHARASHTRA CHH. SAMBHAJINAGAR की गोल मुहर और IMMIGRATION DEPT. BELIZE की त्रिकोणीय मुहर लगाकर दस्तावेज को असली दिखाने की कोशिश की गई थी। दस्तावेजों की गहन जांच में स्पष्ट हुआ कि ऐसा कोई आदेश जिलाधिकारी कार्यालय से जारी ही नहीं हुए थे।
प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि मौजे बिजवाड़ी सर्वे क्रमांक 1, गट नंबर 30 स्थित 54 एकड़ 30 गुंठे जमीन खरीद-फरोख्त के लिए यह फर्जी आदेश तैयार किया गया था। अज्ञात व्यक्तियों ने वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर उच्चस्तरीय आदेश होने का भ्रम पैदा कर जमीन सौदे को वैध ठहराने की कोशिश की थी।
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घटना की जानकारी मिलते ही निवासी उपजिलाधिकारी जनार्धन विधाते ने 28 नवंबर को आदेश जारी कर एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी। इसके बाद नायब तहसीलदार संजय शिंदे ने फर्जी आदेश की प्रति सहित संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए, फर्जी स्टैंप व नकली हस्ताक्षर और बनावट आदेश का उपयोग कर चोखाधड़ी का प्रयास करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ सिटी चौक पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच पीएसआई विठ्ठल शिंदे कर रहे हैं।






