छत्रपति संभाजीनगर में RTO की बड़ी कार्रवाई! धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर कड़ा शिकंजा
छत्रपति संभाजी नगर और आसपास के इलाकों में पॉल्यूशन फैलाने वाले वाहनों पर आरटीओ द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई है। पिछले 8 महीनों में बिना पीयूसी सर्टिफिकेट वाले 2300 से ज्यादा गाड़ियों पर कार्रवाई की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेशन (कॉन्सेप्ट फोटो-सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: शहर और आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर आरटीओ ने शिकंजा कस दिया है। पिछले आठ महीनों में बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के चलने वाले 2,380 वाहनों पर कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अब न केवल भारी जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में बीमा दावा भी खारिज किया जा सकता है। सड़कों पर धुआं छोड़ते वाहन अब प्रशासन की कड़ी निगरानी में हैं। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, पीयूसी प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य है। केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत बिना पीयूसी पकड़े जाने पर चालान के साथ-साथ छह महीने तक की कैद का भी प्रावधान है।
आरटीओ अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी-सभी तरह के वाहनों के लिए पीयूसी जरूरी है, चाहे वह पुराना बीएस-1 वाहन हो या आधुनिक बीएस-6 मॉडल। अधिकृत केंद्रों पर प्रदूषण जांच कराकर समय पर प्रमाणपत्र लेना हर वाहन मालिक की जिम्मेदारी है।
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क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विजय काठोले ने कहा है कि पीयूसी केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि नागरिकों की सेहत और पर्यावरण सुरक्षा से सीधा जुड़ा हुआ है। अगर वाहन शहन मालिक लापरवाह बने रहे, तो उन्हें जुर्मानि के साथ-साथ बीमा दावा अस्वीकृति का भी सामना करना पड़ सकता है।
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पीयूसी क्यों जरूरी ?
पीयूसी प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि वाहन से निकलने वाला धुआं प्रदूषण मानकों के भीतर है। इसमें कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसों का स्तर जांचा जाता है। यह न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है, बल्कि वाहन मालिक की भारी जुमनि और कानूनी कार्रवाई से भी बचाता है।
