मराठा आरक्षण के मुद्दे पर 2 हिस्सों में बंटा जालना, कहीं बंटी मिठाई तो कहीं हुआ विरोध प्रदर्शन

महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आंदोलनकारियों की मांग को स्वीकार कर लिया है। लेकिन जालना क्षेत्र में ओबीसी आरक्षण देने के चलते इलाके में तनाव का माहौल पैदा हो गया है।
Chhatrapati Sambhaji Nagar
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: राज्य सरकार द्वारा मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण देने के फैसले ने जालना में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।

मंगलवार को हैदराबाद गजट के प्रावधानों के लागू होने के बाद ओबीसी समाज के लोग जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और सरकार के इस निर्णय के खिलाफ तीव्र विरोध व्यक्त किया, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी गजट की प्रतियां फाड़कर नारेबाजी करने लगे।

उनका कहना है कि सरकार का यह कदम असली ओबीसी समुदाय के अधिकारों को प्रभावित करेगा और मराठा समाज को ओबीसी प्रवर्ग में जाति प्रमाणपत्र हासिल करने का रास्ता खोलेगा। विरोधकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के दालान में धरना देकर अपनी मांगों पर जोर दिया और जोरदार घोषणाओं के माध्यम से प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि इस निर्णय के कारण ओबीसी समाज का अधिकार सीमित होगा और वे इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।

जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की आठ मांगों में से छह को स्वीकार कर लिया था। इसी के तहत मराठा समाज को हैदराबाद गजेट के आधार पर ओबीसी आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। मनोज जररांग ने इस फैसले को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, ओबीसी समाज ने इस फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है। जिलाधिकारी को सौंप गए ज्ञापन में ओबीसी नेताओं ने कहा कि इस निर्णय से ओबीसी और भटके विमुक्त समाज में गहरा असंतोष फैला है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

व्यापारी समाज ने मनाया उत्सव

मराठा आरक्षण पर राज्य सरकार के निर्णय से जालना में खुशी का माहौल देखने को मिला। शहर के व्यापारी समाज ने कृषि उपज मंडी में शिवसेना शहर प्रमुख विष्णु वचफुले के नेतृत्व में फटाके जलाए और मिठाइयां बाटकर जश्न मनाया मग जरांगे पाटिल पिछले पांच दिनों से मुंबई के आजाद मैदान में आमरण अनशन पर बैठे थे। इसके बाद राज्य सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण देने का आदेश जारी किया व्यापारी समाज ने इस फैसले को मराठा युवाओं के लिए न्याय बताते हुए स्थागत किया। शिवसेना नेता विष्णु पावकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने युवाओं के हित में बड़ा निर्णय लिया है। इसके पीछे जरांगे का संघर्ष निर्णायक रहा।

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