औरंगाबाद रेलवे स्टेशन का नाम हुआ छत्रपति संभाजीनगर, मध्य रेलवे ने जारी की अधिसूचना, CPSN होगा कोड
Chhatrapati Sambhajinagar: मध्य रेलवे ने औरंगाबाद रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन कर दिया है। नया स्टेशन कोड ‘CPSN’ होगा। यह कदम 15 अक्टूबर की अधिसूचना के बाद लागू हुआ।
- Written By: आकाश मसने
छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Railway Station: महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर किए जाने के तीन साल बाद, मध्य रेलवे ने शनिवार को कहा कि औरंगाबाद रेलवे स्टेशन का आधिकारिक नाम भी बदलकर छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन कर दिया गया है।
छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के अंतर्गत आता है। मध्य रेलवे ने कहा कि इसका नया स्टेशन कोड ‘सीपीएसएन’ होगा। भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने औरंगाबाद रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के लिए 15 अक्टूबर को एक गजट अधिसूचना जारी की थी।
कब शुरू हुआ था रेलवे स्टेशन?
औरंगाबाद रेलवे स्टेशन पर रेल परिचालन 1900 में हैदराबाद के सातवें निजाम मीर उस्मान अली खान के शासनकाल के दौरान शुरू हुआ था। छत्रपति संभाजीनगर एक लोकप्रिय पर्यटन केंद्र है।
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महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र है। यह शहर छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज के नाम पर रखा गया है। यहां मुगलकालीन स्थापत्य कला और मराठा गौरव दोनों का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
ये है आकर्षण के केंद्र
छत्रपति संभाजीनगर शहर के प्रमुख आकर्षणों में बीबी का मकबरा, दौलताबाद किला, पंचक्की, और विश्वप्रसिद्ध अजंता–एलोरा की गुफाएँ शामिल हैं, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं।
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छत्रपति संभाजीनगर औद्योगिक दृष्टि से भी तेजी से विकसित हो रहा है। यहाँ शेंद्रा और वालन MIDC जैसे औद्योगिक क्षेत्र हैं। शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय अग्रणी भूमिका निभाता है।
इस्लामपुर का नाम ईश्वरपुर हुआ
बता दें कि महाराष्ट्र के सांगली जिले के शहर इस्लामपुर का नाम बदलकर ईश्वरपुर करने का प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। यह फैसला गृह मंत्रालय, भारत सरकार के 13 अगस्त 2025 के पत्र के आधार पर लिया गया है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने इस प्रस्ताव की जांच और स्थल सत्यापन के बाद इसे मंजूरी दी है।
इस्लामपुर नगर परिषद ने 4 जून 2025 को संकल्प संख्या 825 के तहत शहर का नाम बदलकर ईश्वरपुर करने का प्रस्ताव पारित किया था। महाराष्ट्र सरकार के इस प्रस्ताव को वरिष्ठ डाकघर अधीक्षक, सांगली और सहायक मंडल अभियंता, मध्य रेलवे, मिराज ने भी अनापत्ति प्रमाण पत्र देकर समर्थन किया है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने अपने परीक्षण में पाया कि प्रस्तावित नाम परिवर्तन मान्य प्रक्रियाओं के अनुरूप है।
