छात्रों को ललचा नहीं सकते कोचिंग सेंटर, TRTI ने जारी की सख्त गाइडलाइन, मुफ्त उपहार पर होगा एक्शन

TRTI ने निजी कोचिंग संस्थानों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक छात्रों को टैबलेट, छूट या प्रोत्साहन देने वाले संस्थानों पर कार्रवाई होगी। सरकारी लोगो के दुरुपयोग पर भी रोक लगेगी।
TRTI Instructions For Private Coaching Centers
कोचिंग सेंटर (सोर्स: AI)
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TRTI Instructions For Private Coaching Centers: जनजातीय प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (TRTI) ने प्रतियोगी परीक्षा-पूर्व प्रशिक्षण के लिए सूचीबद्ध निजी कोचिंग केंद्रों को चेतावनी दी है कि छात्रों को लुभाने के लिए टैबलेट, वित्तीय प्रोत्साहन या अन्य प्रकार की छूट देने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संस्थान की आयुक्त दीपा मुधोल मुंडे द्वारा 14 अक्टूबर को जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि योजना के तहत निर्धारित लाभों के अलावा छात्रों को किसी भी प्रकार के मुफ्त उपहार या प्रोत्साहन देने की अनुमति नहीं है।

विज्ञापनों में सरकारी लोगो के इस्तेमान पर बैन

परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोचिंग केंद्र अपने प्रचार या विज्ञापनों में सरकारी लोगो, प्रतीक चिन्ह या सरकारी संस्थानों के नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकते। ऐसा करने वाले केंद्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

टीआरटीआई के साथ-साथ बीएआरटीआई, सारथी और महाज्योति जैसी संस्थाएं क्रमशः अनुसूचित जाति, मराठा/कुनबी, ओबीसी/वीजेएनटी/एसबीसी और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को विभिन्न योजनाओं के तहत प्रतियोगी परीक्षा-पूर्व प्रशिक्षण उपलब्ध कराती हैं।

इन योजनाओं के अंतर्गत महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग केंद्रों को सूचीबद्ध किया गया है।

CET के माध्यम से होता है चयन

इन कोचिंग केंद्रों में प्रवेश पाने के लिए छात्रों का चयन एक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के माध्यम से किया जाता है। चयनित छात्र अपनी सुविधा अनुसार किसी भी सूचीबद्ध केंद्र का चयन कर सकते हैं। हालांकि हाल ही में यह पाया गया कि कुछ कोचिंग संस्थान छात्रों को आकर्षित करने के लिए टैबलेट, छूट या अन्य प्रलोभन दे रहे थे, जो सरकारी नियमों का उल्लंघन है।

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