ऑटोनॉमस हुआ राम मेघे कॉलेज, अमरावती के छात्र अब स्किल बेस्ड शिक्षा के पढ़ेंगे पाठ

UGC Autonomous Status: अमरावती के बडनेरा स्थित प्रो. राम मेघे कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट को UGC ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्वायत्त संस्थान का दर्जा दिया है।
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इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Amravati Engineering College: विदर्भ यूथ वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित बडनेरा के प्रो. राम मेघे कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्वायत्त संस्थान का दर्जा मिला है। यह उपलब्धि संस्थान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

इस उपलब्धि की आधिकारिक घोषणा संस्थान द्वारा सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्था के अध्यक्ष नितीन धांडे ने दी। इस समय संस्था के उपाध्यक्ष एड. उदय देशमुख, सचिव युवराज सिंह चौधरी, कोषाध्यक्ष प्रो. डॉ. हेमंत देशमुख, कार्यकारिणी सदस्य नितिन हिवसे, डॉ. पूनम चौधरी, पंकज देशमुख, प्रो. विनय गोहाड, प्रो. गजानन काले और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय ठाकरे विशेष रूप से उपस्थित थे।

UGC ने दी राम मेघे कॉलेज को स्वायत्तता

संस्था के अध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे ने कहा कि स्वायत्त दर्जा मिलना हमारे कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार और निरंतर उत्कृष्टता की दिशा में किए गए प्रयासों पर मुहर लगाता है। यह दर्जा हमारे छात्रों को अधिक गुणवत्तापूर्ण, उद्योगउन्मुख और वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करने में बेहद मददगार साबित होगा।

उद्योग आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

इस दौरान संस्था के प्रबंधन ने प्राचार्य डॉ. अजय ठाकरे के कुशल नेतृत्व, सभी विभागाध्यक्षो, डीन, प्रोफेसरों, गैरशिक्षण कर्मचारियों और छात्रों के अथक परिश्रम व योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

छात्रों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

स्वायत्त दर्जा मिलने के बाद होने वाले बदलावों और फायदों पर बात करते हुए प्राचार्य डॉ. अजय ठाकरे ने बताया कि कॉलेज अब उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुसार अपना नया और अपडेटेड सिलेबस खुद तैयार कर सकेगा।

स्किलबेस्ड एजुकेशन और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा दिया जाएगा। परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी व आधुनिक बनाया जाएगा। छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर करियर और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पिछले 17 वर्षों से महाविद्यालय उंचाईयों को छू रहा है। कॉलेज में पीएचडी टीचर, सिनिअर स्टाफ है। जिसमें 6 सबजेक्ट की शिक्षा दी जाती है।

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