नांदगांव खंडेश्वर में नगराध्यक्ष का नगर पंचायत में औचक निरीक्षण, गैरहाजिर कर्मचारियों की कटेगी सैलरी

Prapti Marotkar: नांदगांव खंडेश्वर की नवनिर्वाचित नगराध्यक्ष प्राप्ति मारोटकर का नगर पंचायत में औचक छापा! गैरहाजिर कर्मचारियों पर गिरी गाज, जल आपूर्ति और स्वच्छता में मिली बड़ी खामियां।
Nandgaon Khandeshwar Nagar Panchayat
Nandgaon Khandeshwar Nagar Panchayat :नांदगांव खंडेश्वर (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nandgaon Khandeshwar Nagar Panchayat : अमरावती जिले की नांदगांव खंडेश्वर नगर पंचायत में प्रशासन की सुस्ती पर नवनिर्वाचित नगराध्यक्ष प्राप्ति मारोटकर ने सर्जिकल स्ट्राइक की है।

अभी आधिकारिक तौर पर पूर्ण कार्यभार संभालने की प्रक्रिया जारी ही थी कि नगराध्यक्ष ने नगरसेवकों के साथ सुबह 10 बजे कार्यालय में धावा बोल दिया। इस औचक निरीक्षण ने नगर पंचायत के लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों की पोल खोलकर रख दी है।

कर्मचारियों की गैर-हाजिरी पर भड़कीं

नगराध्यक्ष शुक्रवार सुबह ठीक 10 बजे जब नगराध्यक्ष प्राप्ति मारोटकर कार्यालय पहुंचीं, तो नजारा चौंकाने वाला था। कई विभागों की कुर्सियां खाली थीं और कर्मचारी नदारद थे। मुख्याधिकारी भी उस समय अवकाश पर थे, लेकिन बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के गायब पाए गए। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए नगराध्यक्ष ने मुख्याधिकारी के नाम पत्र लिखकर सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने और उनकी उस दिन की छुट्टी को 'बिना वेतन' (LWP) करने के निर्देश दिए हैं।

गंदा पानी और बंद मशीनरी

जलशुद्धिकरण केंद्र की पोल खुली प्रशासनिक कार्यालय के बाद नगराध्यक्ष ने सीधे शहर के जलशुद्धिकरण केंद्र का रुख किया। यहाँ स्थिति और भी भयावह पाई गई। शहर को सप्लाई किए जाने वाले पानी की शुद्धता मानकों के अनुरूप नहीं थी। जांच के दौरान पता चला कि जल शुद्ध करने वाली अधिकांश मशीनें बंद पड़ी हैं और फिल्टर प्लांट का रखरखाव बेहद खराब है।

पानी आपूर्ति विभाग के कर्मचारी इस लापरवाही पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। नगराध्यक्ष ने इसे नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए तत्काल मशीनरी दुरुस्त करने के आदेश दिए।

सफाई व्यवस्था और डंपिंग ग्राउंड पर नाराजगी

निरीक्षण का सिलसिला यहीं नहीं रुका। नगराध्यक्ष ने कचरा डंपिंग ग्राउंड का भी जायजा लिया, जिसे लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में वह पूरी तरह अव्यवस्थित है। उन्होंने कचरे के निस्तारण के लिए आधुनिक पद्धति अपनाने पर जोर दिया। इसके बाद बस स्टैंड स्थित सार्वजनिक शौचालय में पसरी गंदगी और दुर्गंध को देखकर उन्होंने सफाई कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समीक्षा

इस औचक निरीक्षण के दौरान नगरसेवक प्रकाश मारोटकर, प्रीति इखार, कांता लोमटे, वासुदेव लोखंडे और राकांपा के मो. साजिद सहित अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। नगराध्यक्ष ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नांदगांव खंडेश्वर में अब कामचोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य, स्वच्छता और जल आपूर्ति जैसे बुनियादी मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

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