Amravati Mohammad Ayaz Case (फोटो क्रेडिट-X)
Amravati Mohammad Ayaz Case: अमरावती जिले के पार्थवाड़ा (अचलपुर) में सामने आए यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
मुख्य आरोपी मोहम्मद अयाज मोहम्मद तनवीर पर सैकड़ों युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका शारीरिक शोषण करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप हैं। अब इस मामले में दो बड़े खुलासे हुए हैं, जिन्होंने जांच की दिशा बदल दी है।
जांच में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि आरोपी मोहम्मद अयाज असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का पदाधिकारी रह चुका है। अचलपुर नगर परिषद चुनाव के दौरान उसे पार्टी का सोशल मीडिया प्रमुख नियुक्त किया गया था। हालांकि, विवाद बढ़ता देख एआईएमआईएम के जिला अध्यक्ष मोहम्मद आदिल शेख ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान काम न करने की वजह से अयाज को पहले ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है और वर्तमान में पार्टी का उससे कोई संबंध नहीं है।
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इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान के बयान से आया है। नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में आठ मुस्लिम महिलाओं के शोषण की पुष्टि हुई है। इनमें से 6 महिलाओं की तस्वीरें और 2 महिलाओं के वीडियो पुलिस के हाथ लगे हैं। आयोग को अंदेशा है कि आरोपियों ने बाकी के वीडियो और तस्वीरें डिलीट कर दी हैं, जिन्हें फॉरेंसिक टीम की मदद से रिकवर करने के आदेश दिए गए हैं।
शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि लगभग 180 युवतियों का यौन शोषण हुआ है और 350 से अधिक वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं। भाजपा नेता अनिल बोंडे ने भी इस मामले में ‘लव जिहाद’ के कोण से गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्यारे खान ने इस मामले की जांच विशेष जांच समिति (SIT) के माध्यम से कराने की मांग की है। अल्पसंख्यक आयोग की एक विशेष टीम कल अचलपुर का दौरा करेगी। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, पीड़ित महिलाओं की संख्या में और इजाफा हो सकता है।