अचलपुर-मूर्तिजापुर ब्रॉडगेज लाइन को हरी झंडी, शकुंतला रेल बचाव सत्याग्रह समिति को मिली सफलता

पिछले 7 सालों से लगातार शकुंतला रेल बचाव सत्याग्रह समिति द्वारा शकुंतला नैरोगेज रेल को दोबारा शुरु करने की मांग तेज थी। जिसे जाकर सफलता मिली है। मध्य रेलवे ने अब इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी है।
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भारतीय रेलवे, (फाइल फोटो
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Achalpur News In Hindi: लगातार सात वर्षों से अचलपुर शकुंतला रेल बचाव सत्याग्रह समिति द्वारा शकुंतला नैरोगेज रेल को पुनः प्रारंभ करने और उसे ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने की मांग को लेकर किए जा रहे आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। मध्य रेलवे ने आखिरकार अचलपुर-मूर्तिजापुर ब्रॉडगेज लाइन के डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को मंजूरी दे दी है।

वर्ष 2022 में एफएलएस (फाइनल लोकेशन सर्वे) को मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन डीपीआर के अभाव में ब्रॉडगेज का काम अटका हुआ था। समिति ने हार न मानते हुए सातवें वर्ष भी अपना आंदोलन जारी रखा और आज अचलपुर से समिति के प्रतिनिधि योगेश खानजोडे, डॉ राजा धर्माधिकारी, विजय गोंडचवर, दयाराम चंदेले ने भुसावल मध्य रेलवे के महाप्रबंधक पुनीत अग्रवाल और मुख्य अभियंता (निर्माण) संदीप सिन्हा से मुलाकात कर चर्चा की।

बैठक में अधिकारियों ने शकुंतला रेलवे के ब्रॉडगेज रूपांतरण की अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि प्रथम चरण में अचलपुर-मूर्तिजापुर खंड के डीपीआर को मंजूरी मिल गई है। इस अवसर पर समिति ने मध्य रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

सत्याग्रह समिति की ऐतिहासिक जीत

उल्लेखनीय है कि पिछले सात वर्षों में शकुंतला रेल बचाव समिति ने कुल 36 ऐतिहासिक आंदोलन किए। इन आंदोलनों में माहेर फाउंडेशन, आदिवासी पर्यावरण संगठन, संस्कार भारती, मानव सेवा समिति, क्रांति ज्योति संगठन, जमात-ए-इस्लामी हिंद, मराठा सेवा संघ, व्यापारी संगठन समेत कई सामाजिक संगठनों ने सहयोग दिया। समिति के प्रमुख कार्यकर्ताओं में योगेश खानजोडे, गजानन कोल्हे, डॉ। राजा धर्माधिकारी, राजेश अग्रवाल, दीपा तायड़े, शारदा उइके, कमल केजरीवाल, राजकुमार बरडिया, वसंत धोबे, संजय डोंगरे, सुरेश प्रजापति, प्यारेलाल प्रजापति, रामदास मसने, दयाराम चंदेले, विजय गोंडचवर, संतोष नरेडी सहित सैकड़ों सत्याग्रहियों ने वर्षों तक प्रयास किए।

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