अमरावती मनपा के जनसंवाद में पार्षद और नागरिकों के बीच अतिक्रमण को लेकर झड़प हुई। (सौ. नवभारत)
Amravati Municipal Corporation News: अमरावती मनपा स्तरीय जनसंवाद कार्यक्रम उस समय कुछ देर के लिए गर्मा गया, जब रहाटगांव प्रभाग के पार्षद चंदू खेडकर के समक्ष नागरिकों ने अतिक्रमण संबंधी समस्या उठाते हुए समाधान न होने का आरोप लगाया। इस पर पार्षद गुस्से में आ गए और नागरिकों से गालीगलौच कर तीखी बहस करने लगे। अधिकारियों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन इस घटना से उपस्थित नागरिकों में नाराजगी देखी गई।
जनसंवाद में कुल 262 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें प्रमुख रूप से संपत्ति कर से जुड़े मुद्दे, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, स्वच्छता संबंधी समस्याएं, अतिक्रमण, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतें और सुझाव शामिल थे। प्राप्त आवेदनों में से 108 शिकायतों का तत्काल निराकरण किया गया। संबंधित विभागों द्वारा दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
कुछ मामलों में मौके पर ही मरम्मत अथवा आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। जिन शिकायतों का समाधान किया गया, उसकी जानकारी संबंधित नागरिकों को उसी समय प्रदान की गई। शेष शिकायतों के संबंध में संबंधित विभागों द्वारा जांच और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी लंबित मामलों का निपटारा समयबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि नागरिकों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
कार्यक्रम में मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक, सभी उपायुक्त, सहायक आयुक्त, महापौर श्रीचंद तेजवानी, उपमहापौर सचिन भेंडे के अलावा सभी नवनिर्वाचित पार्षद, पदाधिकारी व मनपा के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजुद थे। संवाद कार्यक्रम में मनपा के विभिन्न विभागों से संबंधित नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों में एवं सुझावों पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई के संबंध में मनपा आयुक्त ने निर्देश दिए। साथ ही लंबित संपत्ति कर प्रकरणों पर भी सुनवाई की गई। कार्यक्रम शहर के नागरिकों को प्रशासन से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया गया। जहां नागरिकों ने आयुक्त व प्रशासन से अपनी समस्याओं को बताया।
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अमरावती मनपा में गत तीन वर्षों से प्रशासक का राज चल रहा था। इस दौरान कुछ अधिकारियों द्वारा मनमानी की शिकायतें नागरिकों द्वारा आती रही। लेकिन इसका कोई समाधान नहीं होता था। लेकिन अब जनप्रतिनिधि चुनकर आने से सभागृह का गठन हुआ है। इसके चलते आए दिन अधिकारियों के अडियल स्वैय्ये को लेकर इस तरह का चित्र नजर आएगा, शहर में ऐसी चर्चा व्याप्त है।