अमरावती मनपा की पहली आमसभा में कचरे के मुद्दे पर हंगामा; विलास इंगोले बने विपक्ष के नेता

Amravati News: अमरावती मनपा की पहली आमसभा में कचरा संकट और 7 साल पुराने विकास प्रारूप पर पार्षदों ने प्रशासन को घेरा। विलास इंगोले को नेता प्रतिपक्ष चुना गया और शहर के नामकरण का प्रस्ताव भी रखा गया।
After four years, Amravati GMC's first meeting saw heavy protests over waste management and city development. Former Mayor Vilas Ingole was elected LOP, while a city renaming proposal was tabled.
अमरावती मनपा की पहली सभा तस्वीर (सौजन्य-नवभारत)
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Amravati, City Development Plan News: अमरावती में लगभग चार वर्षों तक खंडित रही मनपा की पहली ही आमसभा कचरा मुद्दे को लेकर आक्रामक रही। प्रश्नोत्तर काल के 30 मिनट में कुल 11 प्रश्नों की बौछार से सदन कौंध उठा। प्रश्न की शुरुआत सत्ता पक्ष की पार्षद स्वाति कुलकर्णी तथा सबसे अनुभवी युवा स्वाभिमान पार्टी के पार्षद प्रा। प्रशांत वानखड़े से हुई। शहर सुधार विकास के प्रारूप को लगभग 7 वर्ष पूरे हो गए।

क्या अब भी महानगरपालिका शहर विकास को लेकर नया प्रारूप तैयार नहीं करेगा? इस प्रश्न को सुनकर पीठासीन सभापति श्रीचंद तेजवानी और आयुक्त सौम्या शर्मा भी सन्न रह गए। सभी पार्षदों ने एक सूर में नए शहर सुधार विकास प्रारूप को मान्यता देने की सदन से गुहार लगाई। सबसे अनुभवी युवा स्वाभिमान पार्टी के पार्षद प्रा. प्रशांत वानखड़े ने सदन में सबसे पहला प्रश्न रखा। उनका कहना रहा कि बीते 7 वर्षों से मनपा प्रशासन ने सरकार के पास शहर सुधार विकास प्रारूप को भेजा है अथवा नहीं, इसे लेकर प्रश्न खड़ा किया? अगर भेजा है तो सरकार के पास से इस बाबत क्या उत्तर आया ? इसकी जानकारी भी सदन के सामने रखें।

पार्षद चंदू वानखड़े तथा भाजपा की पार्षद स्वाति कुलकर्णी ने शेगाव-रहाटगांव क्षेत्र की स्वच्छता का मुद्दा उठाया। अमरावती शहर की सफाई मुद्दे का प्रश्न उठते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष एक साथ मनपा प्रशासन पर आक्रामक होता दिखाई दिया। इस समय कचरा ठेकेदार की मनमानी तथा उनके कार्यों की खामिया सभी पार्षदों ने मनपा प्रशासन को सुनाई।

अमरावती शहर सफाई को लेकर मनपा अधिकारियों ने बेहद साफगोई से अपनी बात रखी लेकिन अधिकारियों की किसी ने एक नहीं सुनी। समय के अभाव में प्रश्नोत्तर काल समाप्त होने के तुरंत बाद महापालिका का नाम अमरावती-बडनेरा महानगरपालिका रखने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सदन में मात्र 5 मिनट चर्चा के पश्चात सभा को स्थगिति देने का प्रस्ताव रखा गया। आगामी आमसभा पूरी तरह से सिर्फ और सिर्फ शहर के कचरा पर होने का पीठासीन सभा से मिले आश्वासन के पश्चात सभा को अगली तारीख तक के लिए मुल्तवी कर दिया गया।

विलास इंगोले बने नेता प्रतिपक्ष

इससे पूर्व सर्वानुमति से कांग्रेस के सबसे अनुभवी तथा सात पर चयनित हुए पूर्व महापौर विलास इंगोले को नेता प्रतिपक्ष के रूप में चुना गया, जिसका सभी ने मेज थपथपाकर स्वागत किया। कुल आए 23 प्रस्ताव महानगरपालिका की पहली सर्वसाधारण आमसभा में 11 प्रश्नोत्तर के अलावा सदस्यों की ओर से कुल 23 प्रस्ताव आए थे। जिसमें से मात्र पहले प्रस्ताव पर मात्र 5 मिनट चर्चा होकर आगे सरकार के पास पुनः भेजने पर सहमति बनी।

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