

Akola Ladki Bahin Yojana e-KYC Deadline News: 'मुख्यमंत्री मेरी लाडकी बहिन योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को हर माह मिलने वाले 1,500 रुपये का लाभ पिछले दो महीनों से कई महिलाओं को नहीं मिल रहा है। ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद कई महिलाओं के खातों में हप्ता जमा नहीं हुआ है, जिससे महिलाओं में भ्रम और नाराजगी फैल गई है।
अकोला जिले में लगभग 2,000 महिलाएं लाभ से वंचित हैं और उन्होंने महिला एवं बाल कल्याण विभाग में जाकर नाराजगी व्यक्त की है। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष योजना का अनावश्यक लाभ लेने वाली महिलाओं की जांच शुरू की थी। चौपहिया वाहन रखने वाली महिलाओं को अपात्र ठहराया गया।
इसके बाद ई-केवाईसी अनिवार्य कियागया, जिसमें ओटीपी न आने, जन्मतिथि की अस्पष्टता, या पति-पिता के निधन काप्रमाणपत्र न जोड़ने जैसी समस्याएं सामने आईं। कई महिलाओं ने सभी दस्तावेज जमा करने के बावजूद लाभ न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
| श्रेणी (Category) | अपात्र महिलाओं की संख्या |
| एक ही राशन कार्ड पर 2 से अधिक लाभार्थी | 29,575 |
| जन्मतिथि में अस्पष्टता/त्रुटि | 6,555 |
| चौपहिया (Four-Wheeler) वाहन का स्वामित्व | 5,508 |
| 65 वर्ष से अधिक आयु | 4,509 |
| 21 वर्ष से कम आयु | 450 |
| ई-केवाईसी में लिंग 'पुरुष' (Male) दर्ज होना | 389 |
| संजय गांधी निराधार योजना की लाभार्थी | 13 |
| अन्य तकनीकी त्रुटियाँ | 39,419 |
अकोला जिले में इस योजना के अंतर्गत 4 लाख 37 हजार महिलाएं लाभार्थी हैं। लेकिन ई-केवाईसी के बाद 45,167 महिलाएं अपात्र ठराई गई हैं। इनमें 65 वर्ष से अधिक आयु की 4,509 महिलाएं, 21 वर्ष से कम आयु की 450 महिलाएं, ई-केवाईसी में 'मेल' दर्ज होने वाली 389 महिलाएं और अन्य त्रुटियों वाली 39,419 महिलाएं शामिल हैं।