अमरावती: नेत्रदान से रोशन हुई 29 जिंदगियां, 455 नागरिकों ने लिया मरणोपरांत दृष्टिदान का संकल्प

Amravati Eye Donation News: अमरावती जिले में मानवता की मिसाल पेश करते हुए 455 नागरिकों ने नेत्रदान का संकल्प लिया है। पिछले 10 महीनों में 29 नेत्रहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिली है।
In a boost to eye donation in Amravati, 455 citizens pledged to donate their eyes, and 29 visually impaired people received sight. Three eye banks are actively working under the District Blindness Control Committee.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Amravati District Blindness Control Committee News: नेत्रदान को सर्वोच्च दान माना जाता है। मरणोपरांत किए गए नेत्रदान से दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में उजाला लाया जा सकता है। इसी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाते हुए अमरावती जिले में नेत्रदान को लेकर व्यापक जनजागृति देखने को मिल रही है। 1 अप्रैल 2025 से 8 फरवरी 2026 की अवधि में जिले के 455 नागरिकों ने नेत्रदान का संकल्प लिया है, जबकि 29 नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टिदान प्राप्त हुआ है।

यह उपलब्धि जिले में चल रहे निरंतर जागरूकता अभियानों और समन्वित प्रयासों का परिणाम है। जिला अंधत्व निवारण समिति के अध्यक्ष चंद्रकांत पोपट के मार्गदर्शन में जिला सामान्य अस्पताल, डॉ. व्यवहारे आई बैंक और डॉ. लांडे आई बैंक के माध्यम से नेत्रदान की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

नेत्रदान पूर्णतः स्वैच्छिक है और मृत्यु के छह घंटे के भीतर किया जाना आवश्यक होता है। जिला अंधत्व निवारण समिति, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जिले में 3 आई बैंक सक्रिय

अमरावती जिले में वर्तमान में तीन आई बैंक सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से नेत्र संग्रह, परामर्श और प्रत्यारोपण की प्रक्रिया नियमित रूप से की जा रही है। जिला सामान्य अस्पताल के साथ निजी और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से नेत्रदान आंदोलन को गति मिली है। हरिना नेत्रदान समिति और दिशा फाउंडेशन सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने नागरिकों में नेत्रदान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए विशेष अभियान चलाए हैं।

जिला सामान्य अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार बीते एक वर्ष में 200 नागरिकों ने मरणोपरांत नेत्रदान किया, जिससे 25 नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टि प्राप्त हुई। चूंकि एक नेत्रदान से दो लोगों को रोशनी मिल सकती है, इसलिए नागरिकों से इस पुण्य कार्य में आगे आने की अपील की जा रही है।

39 नेत्रदाता परिवारों का सम्मान

विश्व नेत्रदान दिवस (22 जून 2025) के अवसर पर दिशा इंटरनेशनल आई बैंक और प्रयास संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 39 दाता परिवारों को सम्मानित किया गया। इस पहल से नेत्रदान के सामाजिक महत्व को रेखांकित किया गया और अधिक से अधिक लोगों को इस आंदोलन से जुड़ने का संदेश दिया गया।

सामाजिक दायित्व निभाएं

  • जिला शल्य चिकित्सक विनोद पवार ने कहा, “नेत्रदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। नेत्रदान से किसी को दुनिया देखने का अवसर मिलता है। नागरिकों को मरणोपरांत नेत्रदान कर अपना सामाजिक दायित्व निभाना चाहिए।”
  • नेत्र शल्य चिकित्सक डॉ. दीप्ति उमरे ने बताया, “जिला सामान्य अस्पताल के माध्यम से 200 नागरिकों ने नेत्रदान किया है, जिससे 25 लोगों को दृष्टि मिली। एक नेत्रदान से दो व्यक्तियों को रोशनी मिलती है। यह अत्यंत पुण्य कार्य है।”
  • नेत्रदान परामर्शदाता नीलेश ढंगले ने कहा कि हरिना नेत्रदान समिति के माध्यम से 1 अप्रैल से 31 जनवरी तक 29 नेत्रदान पूर्ण हुए हैं और 455 लोगों ने संकल्प लिया है। साथ ही लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
  • नेत्रदान वास्तव में मानवता की सर्वोच्च सेवा है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस आंदोलन में शामिल होकर जरूरतमंदों के जीवन में उजाला लाने का संकल्प लेना चाहिए।
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