जिसका डर था वही हुआ...जनरल नरवणे की 'किताब लीक' मामले में बड़ा एक्शन, पेंगुइन के दफ्तर तक पहुंची दिल्ली पुलिस

Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की एक अनपब्लिश्ड किताब के कथित लीक मामले में अपनी जांच तेज कर दी है और पेंगुइन इंडिया को नोटिस जारी कर कई अहम सवालों के जवाब मांगे हैं।
general naravane leaked book row police action intensifies penguin office under probe
सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

General MM Naravane Book Controversy: दिल्ली पुलिस ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की एक अनपब्लिश्ड किताब के कथित लीक मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पब्लिशिंग हाउस पेंगुइन इंडिया को नोटिस जारी कर कई अहम सवालों के जवाब मांगे हैं।

इसके अलावा, जांच टीम ने कंपनी के संबंधित अधिकारियों को भी जांच में शामिल होने के लिए कहा है। स्पेशल सेल की एक टीम बुधवार को गुरुग्राम में पेंगुइन इंडिया के ऑफिस गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के तहत स्पेशल सेल की एक टीम गुरुग्राम में DLF इनफिनिटी मॉल में पेंगुइन इंडिया के ऑफिस गई। टीम वहां करीब दो घंटे तक रही।

पेंगुइन दफ्तर में पुलिस ने क्या किया?

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने जांच के दौरान कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी जब्त किए हैं। जांच टीम अब इन डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रही है। स्पेशल सेल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किताब का प्री-प्रिंट या अनपब्लिश्ड मटीरियल किस लेवल पर लीक हुआ।

क्या पता लगाने में जुटी दिल्ली पुलिस?

दिल्ली पुलिस यह भी जानना चाहती है कि प्री-प्रिंट कॉपी तक किसका एक्सेस था। दिल्ली पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसमें कोई अंदरूनी साजिश शामिल थी। इस सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने जो केस दर्ज किया है, उसमें क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के चार्ज भी जोड़े गए हैं। इस केस से जुड़ी FIR में इंडियन पीनल कोड का सेक्शन 120B (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) भी जोड़ा गया है।

किताब लीक ने खड़े किए कई सवाल

इस केस ने डिफेंस एस्टैब्लिशमेंट से जुड़ी सेंसिटिव जानकारी की सिक्योरिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि लीक हुए मटीरियल में किस तरह की जानकारी शामिल थी। क्या इसमें नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा कोई सेंसिटिव पहलू है?

मामले से जुड़े पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और संकेत दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो पब्लिकेशन से जुड़े दूसरे लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में आगे और क्या कुछ होता है।

Navbharat Live
navbharatlive.com