अकोला में शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए विशेष सर्वे अभियान, आयु अनुरूप मिलेगा प्रवेश
Akola Education Department: अकोला जिले में 15 से 30 जुलाई 2026 तक 6 से 18 वर्ष के शालाबाह्य और शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान के लिए विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा।
शालाबाह्य बच्चे- फाइल फोटो(सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Education Survey: महाराष्ट्र शासन के शालेय शिक्षण विभाग के निर्देशानुसार अकोला जिले में 15 से 30 जुलाई 2026 के बीच 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के शालाबाह्य, अनियमित उपस्थिति वाले अथवा शिक्षा से वंचित बालकों की पहचान हेतु विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा से वंचित बच्चों को अब शिक्षा का अधिकार RTE अधिनियम के अनुसार उनकी आयु अनुरूप कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।
सर्वेक्षण और प्रवेश प्रक्रिया
जिले की सभी स्कूलों को शालाबाह्य विद्यार्थियों की खोज कर सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वेक्षण के बाद पात्र विद्यार्थियों को उनकी आयु के अनुसार कक्षा में प्रवेश दिलाकर शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा। अब बड़े उम्र के बच्चों को पुनः पहली कक्षा में प्रवेश नहीं लेना पड़ेगा, बल्कि उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।
आदिवासी व स्थलांतरित परिवारों को दिलासा
विशेष रूप से आदिवासी और स्थलांतरित परिवारों के बच्चों के लिए यह निर्णय राहतकारी है। इन परिवारों में रोजगार की तलाश में बारबार स्थानांतरण होने से बच्चों की शिक्षा बीच में रुक जाती है और वे वर्षों तक स्कूल से दूर रहते हैं। ऐसे बच्चों को पुनः पहली कक्षा में प्रवेश देना व्यवहार्य नहीं होता।
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RTE अधिनियम का प्रावधान
अब ऐसे बच्चों को उनकी आयु के अनुसार उचित कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। उदाहरण 7 वर्ष के बच्चे को दूसरी कक्षा में, 8 वर्ष के बच्चे को तीसरी कक्षा में। प्रवेश के बाद पूरक अध्यापन द्वारा उन्हें अन्य विद्यार्थियों के बराबर लाने हेतु विशेष शैक्षणिक सहायता दी जाएगी। इस पहल से स्थलांतरित मजदूरों के बच्चों की शिक्षा अधूरी नहीं रहेगी और प्रत्येक बालक को शिक्षा का मूलभूत अधिकार प्रभावी रूप से प्राप्त होगा।
