अकोला: घर-घर कचरा संग्रहण के लिए QR कोड स्कैनिंग अनिवार्य, पहले ही दिन 20 हजार घरों का हुआ स्कैनिंग
Akola महानगरपालिका ने बढ़ती शिकायतों के बाद कचरा संग्रहण के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग अनिवार्य कर दी है। पहले ही दिन 20,000 घरों का स्कैनिंग हुआ, ताकि कचरे की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
- Written By: पूजा सिंह
कचरा संग्रहण गाड़ी
QR Code Scanning Mandatory For Garbage Collection: शहर में कचरा संग्रहण को लेकर ठेकेदार के खिलाफ बढ़ती शिकायतों के चलते अकोला महानगरपालिका ने बुधवार से घर-घर जाकर कचरा उठाने वाली घंटा गाड़ियों के चालकों के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग अनिवार्य कर दिया है।
पहले ही दिन 20,000 घरों का स्कैनिंग किया गया, इस बारे में स्वच्छता विभाग प्रमुख प्रशांत राजूरकर ने जानकारी दी। शहर में घरों और व्यावसायिक परिसरों से रोजाना निकलने वाले कचरे के नियमित संग्रहण का ठेका सितंबर से नागपुर की अर्बन एन्व्हायरो वेस्ट मॅनेजमेंट लिमिटेड को दिया गया था। लेकिन दो महीनों में ही व्यवस्था चरमरा गई, जिससे नागरिकों ने सड़कों और सर्विस लेन में खुले में कचरा फेंकना शुरू कर दिया।
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क्यूआर कोड से कचरा प्रबंधन में सुधार की शुरुआत
शहर में 150 घंटा गाड़ियों की आवश्यकता होते हुए भी ठेकेदार ने केवल 95 गाड़ियों से काम चलाया, जिससे कई क्षेत्रों में कचरा नहीं उठाया गया और गंदगी की समस्या बढ़ गई। इस बीच शिकायतें मिलने के बाद, महापालिका ने क्यूआर कोड स्कैनिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू की।
कचरा संग्रहण में पारदर्शिता के लिए QR कोड स्कैनिंग की शुरुआत
ठेकेदार को हर माह 27 लाख रुपए भुगतान का करार किया गया है, लेकिन कार्य संतोषजनक न होने के कारण अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। आगे का कार्य देखकर ही भुगतान का निर्णय लिया जाएगा। क्यूआर कोड स्कैनिंग से कचरा संग्रहण की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
