महाआवास अभियान में अकोला चमका; राज्यस्तर पर मिले तीन पुरस्कार, पातुर तालुका को मिला पूरे सूबे में प्रथम स्थान
Akola Sainik School Satara: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अकोला जिले ने राज्यस्तर पर तीन पुरस्कार जीते हैं। पातुर तालुका को प्रथम और अकोला जिले को सर्वश्रेष्ठ जिला श्रेणी में तीसरा स्थान मिला
- Written By: रूपम सिंह
प्रधानमंत्री आवास योजना देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Akola Sainik School Satara Awards Devendra Fadnavis: अकोला सैनिक स्कूल सातारा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत लाभार्थी सम्मेलन एवं महाआवास अभियान राज्यस्तरीय पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे के हाथों अकोला जिले ने वर्ष 2023-24 के अंतर्गत राज्यस्तर पर तीन पुरस्कार प्राप्त किए। इनमें सर्वश्रेष्ठ जिला श्रेणी में अकोला को तृतीय स्थान, पातुर तालुका को प्रथम स्थान तथा अकोट तालुका की ग्राम पंचायत बेलुरा बुद्रुक को सर्वश्रेष्ठ बहुमंजिला इमारत श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
अकोला जिले की ओर से यह पुरस्कार मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अकोला अनीता मेश्राम, तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी। वैष्णवी, तत्कालीन प्रकल्प संचालक जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा अकोला मनोज जाधव, कार्यरत प्रकल्प संचालक दिगंबर लोखंडे, गुटविकास अधिकारी पंचायत समिति पातुर सुभाष काले, अकोट रमाकांत माली तथा ग्राम पंचायत बेलुरा बुद्रुक के सरपंच राम मंगले और ग्राम पंचायत अधिकारी ज्ञानेश्वर बिडकर ने मान्यवरों के हाथों स्वीकार किया।
समन्वित प्रयासों की गौरवशाली पहचान
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्रभावी कार्यान्वयन के कारण अकोला जिले ने राज्य में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, ग्रामविकास यंत्रणा तथा पंचायत समिति – स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों की गौरवशाली पहचान है।
सम्बंधित ख़बरें
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि से मिली राहत, 100 वर्षीय महिला की समय पर हुई सर्जरी
पीएम को नहीं, पाक आर्मी चीफ को भेजें पत्र; भारत-पाकिस्तान के प्रबुद्ध जीवों के खुले खत पर भड़के कृष्णा हेगड़े
भाजपा के MLA किसन कथोरे ने कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद को महानगर पालिका का दर्जा देनी की विधानसभा में मांग की
सात-बारा न होने पर भी महिलाएं कहलाएंगी ‘किसान’; महाराष्ट्र सरकार लाई देश का पहला ऐतिहासिक कानून
यह भी पढ़ें:- गोंदिया के 46 हजार किसानों का 289 करोड़ का कर्ज होगा माफ; प्रशासन ने तेज की प्रक्रिया, केवाईसी कराना अनिवार्य
मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनीता मेश्राम्, तत्कालीन सीईओ बी. वैष्णवी, प्रकल्प संचालक मनोज जाधव, कार्यरत संचालक दिगंबर लोखंडे, गुटविकास अधिकारी सुभाष काले, रमाकांत माली तथा ग्राम पंचायत बेलुरा बुद्रुक के सरपंच राम मंगले और अधिकारी ज्ञानेश्वर बिडकर के नियोजित कार्य, सतत प्रयास और जनहित की प्रतिबद्धता इस सफलता का आधार रहे है। इस उपलब्धि पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधियों का सर्वत्र अभिनंदन हो रहा है।
