मालेगांव नाका से पी.पी. पाटिल पेट्रोल पंप तक का रास्ता 15 दिनों में होगा पूरा, आंदोलन को मिली सफलता

Telhara Road Construction: मालेगांव नाका से पी.पी. पाटिल पेट्रोल पंप तक की सड़क 15 दिनों में पूरी होगी। सामाजिक कार्यकर्ता विशाल नांदोकार के आंदोलन को सफलता मिली।
मालेगांव नाका से पी.पी. पाटिल पेट्रोल पंप तक का रास्ता
मालेगांव नाका से पी.पी. पाटिल पेट्रोल पंप तक का रास्ता (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Malegaon Naka: तेल्हारा शहर के मालेगांव नाका से पी.पी. पाटिल पेट्रोल पंप तक के अपूर्ण मार्ग को लेकर नागरिकों, व्यावसायिकों, विद्यार्थियों और वाहनचालकों को पिछले कई महीनों से भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। सड़क पर बिछी गिट्टियों के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हुईं। इस गंभीर समस्या को उजागर करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता विशाल नांदोकार ने 1 नवंबर को सड़क के बीच में खड्डा खोदकर उसमें बैठकर अनोखा आंदोलन किया।

करीब चार घंटे तक चले इस आंदोलन से दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग (PWD) के अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए लिखित आश्वासन दिया और कार्य की शुरुआत की। इसके बाद विशाल नांदोकार ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

पहले भी दी थी चेतावनी

इससे पूर्व 24 अक्टूबर 2025 को विशाल नांदोकार ने सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग, तेल्हारा कार्यालय में एक निवेदन प्रस्तुत किया था, जिसमें सड़क कार्य को शीघ्र पूर्ण करने की मांग की गई थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि आठ दिनों में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, तो नागरिकों की ओर से आंदोलन किया जाएगा। निवेदन में उल्लेख किया गया था कि तेल्हारा-आडसुल, तेल्हारा-वरवट और तेल्हारा-हिवरखेड मार्ग प्रमुख संपर्क मार्ग हैं, जिनसे विद्यार्थी, व्यापारी और नागरिक प्रतिदिन आवागमन करते हैं। साथ ही, गति नियंत्रण के लिए छोटे गतिरोधक (स्पीड ब्रेकर) लगाने की भी मांग की गई थी।

ठेकेदार कंपनी को मिले निर्देश

आंदोलन के बाद उपविभागीय अभियंता धनराज बरडे ने संबंधित ठेकेदार कंपनी को निर्देश जारी किए कि 31 मार्च 2026 तक सड़क का संपूर्ण कार्य पूरा किया जाए तथा अपूर्ण भाग को 15 दिनों के भीतर दुरुस्त किया जाए। साथ ही, कार्य की गति बढ़ाने और सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए।

नागरिकों को राहत, आंदोलन का प्रभाव

इस निर्णय से तेल्हारा शहर के नागरिकों ने राहत की सांस ली है। सामाजिक कार्यकर्ता विशाल नांदोकार ने कहा,“प्रशासन ने हमारी मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क का काम पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। अब अपेक्षा है कि यह कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूर्ण हो। यदि 15 दिनों में काम पूरा नहीं हुआ, तो 16 नवंबर को समाधी आंदोलन किया जाएगा।”

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