मालेगांव में बारिश थमने से किसानों की बढ़ी चिंता, नई फसलों पर धूप से झुलसने का खतरा

Malegaon Rainfall: मालेगांव तहसील में खरीफ बुआई के बाद पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज धूप और मिट्टी में घटती नमी से फसलों पर असर पड़ने का खतरा है।
malegaon farmers worried as rain stops after kharif sowing
खरीफ फसल संकट- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Malegaon Farmers: इस वर्ष मालेगांव तहसील में मानसून ने विलंब से दस्तक दी। शुरुआती अच्छी बारिश के बाद किसानों ने पिछले पंद्रह दिनों में बड़े पैमाने पर सोयाबीन, अरहर, उड़द और मूंग जैसी खरीफ फसलों की बुआई पूरी कर ली लेकिन पिछले सात आठ दिनों से बारिश पूरी तरह थम जाने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है।

बुआई के बाद समय पर वर्षा होना फसलों की अच्छी बढ़वार के लिए बेहद जरूरी होता है। इस समय खेतों में उग चुकी कोमल फसलों पर तेज धूप का असर पड़ने की आशंका है। लगातार बढ़ती गर्मी और मिट्टी में घटती नमी के कारण फसलों की वृद्धि प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।

मालेगांव में मानसून की बेरुखी

किसान प्रतिदिन ही आसमान की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। उनके मन में अब सिर्फ एक ही सवाल है बारिश आखिर कब होगी। पहले ही मानसून की देरी के कारण बुआई प्रभावित हुई थी और अब बुआई के बाद बारिश रुक जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

अंकुरित सोयाबीन और अन्य फसलों पर मंडराया खतरा

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो नई उगी फसलों की बढ़वार रुक सकती है। कई स्थानों पर किसानों को दोबारा बुआई करने की नौबत भी आ सकती है। ऐसे में पूरे क्षेत्र के किसानों की निगाहें अब मानसून पर टिकी हैं और सभी जल्द से जल्द अच्छी बारिश होने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि खरीफ सीजन की फसलों को राहत मिल सके।

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