

Pimpri Chinchwad Pipeline Project: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (पीसीएमसी) के जलापूर्ति विभाग की भूमिगत पाइपलाइन परियोजना शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। निगडी प्राधिकरण सेक्टर-23 से दापोडी तक सर्विस रोड पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य धीमी गति से चल रहा है। खुदाई के बाद सड़कों की समय पर और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं होने से कई प्रमुख मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ रही है।
परियोजना के तहत दापोडी, फुगेवाडी, कासारवाडी, नाशिक फाटा, शंकरवाडी, संत तुकारामनगर, एच.ए. कंपनी, पिंपरी चौक, मोरवाडी चौक और चिंचवड़ स्टेशन जैसे क्षेत्रों में सड़कें खोदी गईं। खुदाई के बाद डामरीकरण तो किया गया, लेकिन उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। कई स्थानों पर डामर उखड़ गया है और सड़क पर गिट्टी व छोटे पत्थर फैल गए हैं। कुछ इलाकों में सड़क धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
पाइपलाइन परियोजना का सबसे अधिक असर शहर के बीआरटी (बस रैपिड ट्रांजिट) कॉरिडोर पर पड़ा है। कई स्थानों पर खुदाई के कारण बीआरटी ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है। मरम्मत के बावजूद सड़क दोबारा खराब हो रही है। सुरक्षा के लिए लगाए गए कई लोहे के बैरिकेड भी गायब हो चुके हैं, जिससे मार्ग असुरक्षित और अव्यवस्थित दिखाई दे रहा है।
मरम्मत कार्य के नाम पर बीआरटी मार्ग को बार-बार बंद किए जाने से यात्रियों को बस स्टॉप तक पहुंचने और बस पकड़ने में कठिनाई हो रही है। वहीं सर्विस रोड पर गड्ढों, उखड़े डामर और खराब सड़क की वजह से वाहन चालकों को रोजाना जाम और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान भी कई स्थानों पर सड़कों का डामरीकरण किया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में डामर उखड़ गया। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि पाइपलाइन परियोजना का कार्य तय समय में पूरा किया जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों की टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।