Mumbai ATS Alert: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में मुंबई के 30 युवक, सोशल मीडिया पर बड़ी साजिश

Mumbai ATS Alert Pakistani Gangster: महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई के करीब 30 युवकों को पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में पाया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
Shahzad bhatti Maharashtra ATS
पाक गैंगस्टर शहजाद भट्टी (फोटो क्रेडिट-X)
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Shahzad Bhatti Mumbai Youth Connection: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुंबई के 20 वर्ष से कम उम्र के करीब 30 युवकों को पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के कथित संपर्क में पाया है।

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये सभी भोले-भाले युवा लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी और उसके गिरोह के जाल में फंसे थे। इस खुलासे के बाद एटीएस ने सभी संदिग्ध युवकों पर अपनी पैनी और सख्त नजर रखनी शुरू कर दी है।

गेमिंग मिशन के बहाने सार्वजनिक स्थानों की रेकी

खुफिया सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी भारतीय युवाओं को आकर्षित करने और उन्हें अपने जाल में फंसाने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपना रहा था। वह युवाओं को ऑनलाइन “गेमिंग मिशन” का हिस्सा बनने का लालच देता था। खेल-खेल में इन युवाओं को अलग-अलग टास्क दिए जाते थे, जिसके बहाने उनसे मुंबई के प्रमुख और संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों की लाइव तस्वीरें और वीडियो मंगवाए जाते थे।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह गेमिंग ऐप के जरिए महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रेकी करने और संवेदनशील डेटा एकत्र करने की एक बेहद खतरनाक और आधुनिक साजिश का हिस्सा है।

भट्टी के कई खूंखार साथी भी भारत में एक्टिव

राहत की बात यह है कि एटीएस की अब तक की प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि तकनीकी रूप से संपर्क में आने के बावजूद मुंबई के किसी भी युवक ने भट्टी या उसके पाकिस्तानी साथियों द्वारा दिए गए किसी भी संदिग्ध या राष्ट्रविरोधी निर्देशों का धरातल पर पालन नहीं किया। इसके बावजूद, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले को देखते हुए एटीएस इसे बेहद गंभीरता से ले रही है। सभी 30 युवाओं के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट लॉग्स और उनके अन्य व्यक्तिगत संपर्कों की गहन तकनीकी और फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

एटीएस के डोजियर के मुताबिक, केवल शहजाद भट्टी ही नहीं, बल्कि उसके कई अन्य कुख्यात पाकिस्तानी साथी जैसे आबिद जाट उर्फ आबिद छल, अजमल गुर्जर, हमाद मेमन, राणा हनीन और अशफाक बशीर आलम भी लगातार डिजिटल माध्यमों से भारतीय युवाओं से सीधे संपर्क बनाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। गौरतलब है कि हाल ही में पुणे जिले के भी करीब 66 युवकों से इसी तरह के संदिग्ध संपर्क के मामले में एटीएस ने लंबी पूछताछ की थी। अब पुणे के बाद देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में भी 30 नए युवकों का नाम सामने आने से पूरे राज्य की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं।

ब्रेनवॉश और डिजिटल स्लीपर सेल तैयार करने की गंभीर आशंका

केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि सीमा पार बैठा यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए कम उम्र के किशोरों और युवाओं का धीरे-धीरे ब्रेनवॉश कर रहा है। इनका मुख्य उद्देश्य इन युवाओं को देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करना, हवाला नेटवर्क को संचालित करना, मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी बढ़ाना और भारत की गुप्त व सामरिक सूचनाएं जुटाने के लिए एक 'डिजिटल स्लीपर सेल' के रूप में इस्तेमाल करना है।

एटीएस वर्तमान में इन युवाओं के पूरे सोशल मीडिया फ्रेंड लिस्ट और डिजिटल नेटवर्क की बारीकी से पड़ताल कर रही है। साथ ही, एटीएस ने मुंबई और महाराष्ट्र के सभी अभिभावकों और युवाओं को किसी भी अज्ञात सोशल मीडिया हैंडल या संदिग्ध गेमिंग मिशन से पूरी तरह सतर्क और दूर रहने की सख्त सलाह जारी की है।

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