अक्षय नागलकर हत्या प्रकरण की जांच में तेजी, आरोपी न्यायिक हिरासत में, डीएनए रिपोर्ट पर टिकी नज़र

Akshay Nagalkar Murder Probe:अकोला में अक्षय नागलकर हत्या प्रकरण की जांच में तेजी आ गई है। पुलिस ने 9 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा, डीएनए रिपोर्ट से मामले की पुष्टि की प्रतीक्षा है।
अक्षय नागलकर हत्या प्रकरण की जांच में तेजी
अक्षय नागलकर हत्या प्रकरण की जांच में तेजी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Akola Crime: बहुचर्चित अक्षय नागलकर हत्या प्रकरण में पुलिस ने जांच की गति बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस मामले में प्रयुक्त शस्त्र, वाहन तथा मृतदेह के अवशेष बरामद कर लिए गए हैं। साथ ही, सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रारंभिक अवधि में पुलिस हिरासत में रखा गया था। अब न्यायालय द्वारा उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल कस्टडी) में भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक और शहर पुलिस उपअधीक्षक सुदर्शन पाटिल ने जानकारी दी कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था। हालांकि, मृतक अक्षय नागलकर (26), निवासी मारोती नगर के अस्थि-अवशेष (हड्डियों के टुकड़े) बरामद कर लिए गए हैं। इन अवशेषों की डीएनए जांच की जाएगी, जिससे मृतदेह की पहचान और अपराध की पुष्टि संभव हो सकेगी।

डीएनए रिपोर्ट के बाद ठोस साक्ष्य सामने आएंगे

मामले में बरामद शस्त्रों के आधार पर अब आर्म्स एक्ट की धाराएं 3, 4 और 25 भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें चंद्रकांत बोरकर (निवासी शिवसेना वसाहत), आशीष उर्फ आशु वानखेडे (पुराना शहर), श्रीकृष्ण भाकरे (बड़ी उमरी), अशोक उर्फ ब्रह्मा भाकरे (मोरगांव भाकरे), रोहित पराते (पार्वती नगर), अमोल उन्हाले (हरिहरपेठ), नारायण मेसरे (बालापुर), आकाश शिंदे (भौरद) और शिवा माली शामिल हैं। इस गंभीर प्रकरण की जांच पुलिस उपअधीक्षक सुदर्शन पाटिल के मार्गदर्शन में जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि डीएनए रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में और भी ठोस साक्ष्य सामने आएंगे।

शव जलाकर सबूत नष्ट 

बता दें कि अकोला के बहुचर्चित अक्षय नागलकर लापता प्रकरण का खुलासा आखिरकार पुलिस ने कर लिया है। डाबकी रोड पुलिस द्वारा की गई जांच में यह मामला हत्या  का निकला है। पुरानी दुश्मनी के चलते कुल आठ आरोपियों ने अक्षय नागलकर की हत्या कर सबूत मिटाने का प्रयास किया, यह बात सामने आई है।

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उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन पाटिल ने बताया कि अक्षय नागलकर को एमएच 30 होटल में बुलाया गया था। वहां उसकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंककर और कोयते जैसे धारदार हथियार से वार कर उसकी हत्या की गई। इसके बाद, कोई सबूत पीछे न रह जाए, इसके लिए आरोपियों ने शव को मोरगांव भाकरे के खेत परिसर में स्थित एक टिन शेड में ले जाकर जला दिया। केवल इतना ही नहीं, बल्कि राख हटाकर शेड को अंदर से धोया और पेंट भी कर दिया, ताकि किसी तरह का सुराग न मिले।

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