परमाणु हथियारों की रेस पर लगाम! न्यू START संधि खत्म होने के बाद रूस का बड़ा ऐलान, अमेरिका के सामने रखी ये शर्त

New START Treaty: दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के बीच अंतिम हथियार नियंत्रण संधि समाप्त हो गई है। रूस ने कहा है कि वह तब तक परमाणु क्षमता पर नियंत्रण रखेगा जब तक US नियमों का पालन करता है।
Curbing the nuclear arms race! Russia makes a major announcement after the expiry of the New START Treaty, placing this condition before the US
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव
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Russia US Nuclear Deal: दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के बीच हथियारों की अनियंत्रित होड़ को रोकने वाली आखिरी संधि 'न्यू START' 5 फरवरी 2026 को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गई है। पिछले आधे दशक में पहली बार दुनिया के दो सबसे बड़े परमाणु जखीरों पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं रह गया है। इस बीच, रूस के शीर्ष राजनयिक ने मॉस्को के रुख को स्पष्ट करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है।

अमेरिका पर टिकी नजर

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार को रूसी संसद के निचले सदन (स्टेट ड्यूमा) में कहा कि रूस तब तक इस संधि की सीमाओं का सम्मान करेगा जब तक वह देखता है कि वाशिंगटन भी ऐसा ही कर रहा है। लावरोव ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्वारा घोषित अधिस्थगन (Moratorium) तब तक बना रहेगा जब तक अमेरिका इन सीमाओं को पार नहीं करता।

कब बनी थी न्यू START संधि?

न्यू START संधि 2010 में बराक ओबामा और दिमित्री मेदवेदेव द्वारा हस्ताक्षरित की गई थी जो प्रत्येक पक्ष को 1,550 तैनात परमाणु वारहेड और 700 मिसाइलों व बमवर्षकों तक सीमित रखती थी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले साल इन सीमाओं को एक और साल के लिए बढ़ाने की इच्छा जताई थी लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तर्क दिया है कि वह चीन को भी किसी नए समझौते का हिस्सा बनाना चाहते हैं एक ऐसी मांग जिसे बीजिंग ने सिरे से खारिज कर दिया है।

अबू धाबी में 'अनौपचारिक' चर्चा

रिपोर्टों के अनुसार, हाल ही में अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच हुई शांति वार्ता के दौरान परमाणु हथियार नियंत्रण पर भी चर्चा हुई थी। हालांकि क्रेमलिन ने किसी भी 'अनौपचारिक' विस्तार को खारिज किया है लेकिन दोनों पक्षों के बीच उच्च-स्तरीय सैन्य-से-सैन्य संवाद फिर से स्थापित हो गया है जो 2021 से निलंबित था।

ट्रंप-पुतिन संबंध और ग्रीनलैंड की चेतावनी

लावरोव ने पुतिन और ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंधों को 'शानदार' बताया और कहा कि उनके बीच की आपसी सहानुभूति ने अलास्का शिखर सम्मेलन के दौरान कई मुद्दों पर समझ बनाने में मदद की थी। हालांकि, उन्होंने ग्रीनलैंड के संभावित सैन्यीकरण पर अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वहां रूस के खिलाफ सैन्य क्षमताएं विकसित की जाती हैं तो मॉस्को 'सैन्य-तकनीकी जवाबी कार्रवाई' करेगा।

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