अकोला: पिंजर कृषि बाजार समिति की 5 करोड़ की निधि पर स्टे, ग्रामीण बोले- राजनीति नहीं, विकास चाहिए

Akola Development Fund Stay: अकोला जिले के पिंजर गांव में कृषि उपज बाजार समिति के विकास के लिए मंजूर 5 करोड़ रुपये की निधि पर न्यायालय से स्टे लग गया है। इससे ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Akola Pinjar APMC Development News: अकोला जिले की बार्शीटाकली तहसील के पिंजर गांव का विकास पहले से ही अधूरा है। इसी स्थिति में पिंजर स्थित कृषि उपज बाजार समिति के विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की निधि मंजूर की थी। लेकिन इस निधि पर न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) लाया गया है। परिणाम स्वरूप पिंजर के विकास कार्य के लिए आने वाला 5 करोड़ रुपये का निधि अटक गया है और इस पर राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चा है।

सामान्य नागरिकों और किसानों का कहना है कि उन्हें राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, उनके लिए विकास ही सबसे महत्त्वपूर्ण विषय है। लेकिन इस दावे के चलते पिंजर को मिलने वाला 5 करोड़ रुपये का निधि रुक जाना एक बड़ी विडंबना है।

क्या है मामला?

सहकार, विपणन और वस्त्र उद्योग विभाग मंत्रालय मुंबई से पिंजर कृषि उपज बाजार समिति के विकास कार्य हेतु निधि मंजूर की थी। इस निधि पर समिति के निदेशक अशोक राठोड़ ने स्थगन आदेश लाया है, उनका कहना है कि यह निधि नियमबाह्य तरीके से लाने का प्रयास था, क्योंकि इसके लिए कोई प्रारुप और नवशे तैयार नहीं किए गए थे। इसलिए स्टे लाना आवश्यक था।

वहीं दूसरी ओर पिंजर के नागरिकों और आपतकालीन पथक प्रमुख दीपक सदाफले ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गांव का विकास पहले से ही नहीं हुआ है। यदि निधि नियमबाह्य होता तो सरकार इसकी जांच करता और लोग शिकायत दर्ज कराते। लेकिन निधि आने से पहले ही उस पर रोक लगा दी गई। नागरिकों का मत है कि राजनेता अपना राजनीति करें, परंतु गांव के विकास कार्यों में कोई अड़चन नहीं डालनी चाहिए। अब इस मामले में क्या समाधान निकलता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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