Akola Municipal Corporation ने अपनायी ठेका पद्धति, शहर का कचरा अब निजी कंपनी संभालेगी

शहर को साफ रखने के लिए Akola Municipal Corporation ने एक प्राइवेट कंपनी को कॉन्ट्रेक्ट दिया है। जिसके अंतर्गत 150 घंटागाड़ियों में ट्रेन्ड स्वच्छता दूत तैनात किए गए हैं।
अकोला महानगरपालिका
अकोला महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
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Akola News In Hindi: शहर में बढ़ती कचरा समस्या को नियंत्रित करने हेतु अकोला मनपा ने कचरा संकलन का कार्य नागपुर स्थित अर्बन एन्व्हायरो वेस्ट मॅनेजमेंट लि नामक निजी कंपनी को सौंपा है। 1 सितंबर 2025 से कंपनी ने कार्यभार संभाल लिया है। 150 घंटागाड़ियों पर प्रशिक्षित स्वच्छता दूत तैनात किए गए हैं, जिन्हें प्रति गाड़ी 1000 घरों से कचरा संकलन का लक्ष्य दिया गया है।

मनपा के अनुसार, शहर की लगभग 1।5 लाख संपत्तियों से प्रतिदिन 160 मेट्रिक टन कचरा संकलित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए मनपा हर माह 27.55 लाख रु। और सालाना 3.30 करोड़ रु का खर्च वहन करेगी। कंपनी को 150 घंटागाड़ियां उपलब्ध हैं, जिनमें से 100 गाड़ियां मनपा द्वारा दी गई हैं और उनकी मरम्मत व देखरेख का जिम्मा भी कंपनी पर रहेगा। शेष 50 गाड़ियां कंपनी स्वयं उपलब्ध कराएगी। प्रत्येक गाड़ी पर चालक और सहायक सहित दो कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।

शहर में कचरा प्रबंधन की कमी के कारण अब तक 200 से अधिक गार्बेज साइट्स बन चुकी थीं, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर गंभीर असर पड़ा था। इस समस्या के स्थायी समाधान हेतु मनपा आयुक्त एवं प्रशासक डा सुनील लहाने ने यह ठेका पद्धति लागू की है।

नागरिकों की शिकायत पर लगेगा जुर्माना

मनपा ने शहर की संपत्तियों पर क्यूआर कोड लगाए हैं। प्रत्येक घर से कचरा लेने के बाद स्वच्छता दूत को क्यूआर कोड स्कैन करना अनिवार्य है। चारों जोन के लिए रूट मैप भी तैयार किया गया है। यदि कचरा संकलन में कोई त्रुटि होती है या नागरिकों से शिकायत प्राप्त होती है, तो मनपा को ठेकेदार पर जुर्माना लगाने का अधिकार रहेगा।

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