विध्वंसक बताकर पाकिस्तान ने दोस्‍त को बेच दिया 'फुसकी बम', जंग के मैदान में खुल गई पोल, माथा पकड़ रोने लगी फौज

Pakistan poor arms quality: रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने अजरबैजान और सऊदी अरब को घटिया और पुराने हथियार बेचे, जिससे उसके डिफेंस एक्सपोर्ट और भरोसे पर सवाल खड़े हुए।
Pakistan Export Poor Ammunition Azerbaijan
पाकिस्तान ने अजरबैजान से खराब गोला-बारूद का निर्यात किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan Export Poor Ammunition Azerbaijan: पाकिस्तान द्वारा अपने हथियारों और फाइटर जेट्स की गुणवत्ता को लेकर किए जा रहे दावों पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने अजरबैजान को जो गोला-बारूद सप्लाई किया है, वह पुराना, कमजोर और युद्ध के लिए भरोसेमंद नहीं पाया गया है। इससे पाकिस्तान की वैश्विक रक्षा निर्यात (Defence Export) साख को नुकसान पहुंचा है।

रक्षा विशेषज्ञों और फील्ड रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजरबैजान को दिए गए पाकिस्तानी छोटे हथियारों के कारतूस और तोपखाने के गोले दशकों पुराने स्टॉक से निकाले गए थे या कम गुणवत्ता मानकों के तहत तैयार किए गए थे। जांच में कई कारतूसों में जंग, बारूद की मात्रा में गड़बड़ी और गलत माप जैसी खामियां सामने आई हैं। तोपखाने के गोले भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई गोले अपनी घोषित रेंज का केवल 40 से 60 प्रतिशत ही हासिल कर सके, जिससे उनकी सैन्य उपयोगिता पर सवाल उठे हैं।

JF-17 और पाकिस्तानी हथियारों के दावों पर सवाल

पाकिस्तान लंबे समय से चीन की मदद से बने JF-17 फाइटर जेट और अपने वेपन सिस्टम्स को लेकर बड़े दावे करता रहा है। वह सऊदी अरब और अज़रबैजान जैसे देशों को हथियार सप्लाई करने की बात कहता रहा है, लेकिन ताजा घटनाएं इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े करती हैं।

सऊदी अरब ने पाकिस्तान से बनाई दूरी

पाकिस्तान की हथियार गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का असर उसके पुराने ग्राहकों पर भी पड़ा है। सऊदी अरब, जो पहले पाकिस्तानी गोला-बारूद पर निर्भर था, अब भारत से 5.56 मिमी, 7.62 मिमी कारतूस और 155 मिमी तोप के गोले खरीद रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय हथियारों ने कड़े ट्रायल और वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन किया है।

यूक्रेन युद्ध में भी सामने आई थीं शिकायतें

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी गोला-बारूद पर सवाल उठे हों। रूस-यूक्रेन युद्ध के शुरुआती चरण में यूक्रेन ने पाकिस्तान से 155 मिमी गोले खरीदे थे। बाद में कई मामलों में समय से पहले विस्फोट और तोपों के बैरल फटने की शिकायतें सामने आई थीं, जिससे सैनिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।

भारत की एंट्री से बदला क्षेत्रीय समीकरण

इसी दौरान भारत ने अजरबैजान के पड़ोसी देश आर्मेनिया को पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की सप्लाई की है। यह वही सिस्टम है जिसने हाल के सैन्य अभियानों में प्रभावी प्रदर्शन किया है। भारत के इस कदम को उसके बढ़ते रक्षा निर्यात और तकनीकी क्षमता का संकेत माना जा रहा है।

पाकिस्तान के डिफेंस एक्सपोर्ट पर संकट

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आरोप पाकिस्तान के डिफेंस एक्सपोर्ट लक्ष्यों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय हथियार बाजार में कम कीमत से ज़्यादा गुणवत्ता, भरोसेमंद प्रदर्शन और सुरक्षा मानक अहम होते हैं। यदि पाकिस्तान ने अपने उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण में सुधार नहीं किया, तो उसे मौजूदा बाजार के साथ-साथ भविष्य के सौदे भी गंवाने पड़ सकते हैं।

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