अकोला में ‘मिशन मोर्णा’ शुरू! जलकुंभी के जाल से आजाद होगी नदी, मच्छरों के आतंक से मिलेगी मुक्ति
Morna River Cleaning: अकोला में मोर्णा नदी की सफाई और जलकुंभी हटाने का काम शुरू। महापौर शारदा खेडकर की पहल से मच्छरों के प्रकोप और बीमारियों से मिलेगी राहत।
- Written By: प्रिया जैस
मोर्णा नदी में सफाई शुरू (सौजन्य-नवभारत)
Akola Municipal Corporation: अकोला महानगर पालिका क्षेत्र के मध्य भाग से बहने वाली मोर्णा नदी में जलकुंभी का अत्यधिक संक्रमण होने से शहर में डेंगू व मलेरिया जैसे रोग फैलाने वाले मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी। नागरिकों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार 6 मार्च से मोर्णा नदी में जलकुंभी हटाने का कार्य शुरू किया गया।
इस कार्य का शुभारंभ महापौर शारदा खेडकर और स्थायी समिति सभापति विजय अग्रवाल के निर्देशानुसार किया गया। उद्घाटन समारोह में नगरसेवक जयंत मसने, उपमहापौर अमोल गोगे, पवन महल्ले, आरती घोगलिया, वैशाली शेलके, उषा विरक, मंजुषा शेलके, एड। कल्पना गोटफोडे, नितिन ताकवाले उपस्थित थे। शुभारंभ पुष्प व नारियल फोड़कर पारंपरिक पद्धति से किया गया।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर नियंत्रण
जलकुंभी हटाने के बाद नदी किनारे स्वच्छता और नियमित देखरेख की व्यवस्था की जाएगी। नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि मोर्णा नदी का प्राकृतिक स्वरूप पुनः बहाल होगा। इस कार्य से शहर में मच्छरों का संक्रमण कम होगा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर नियंत्रण मिलेगा।
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- विजय अग्रवाल, स्थायी समिति सभापति, मनपा।
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नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद
महापौर ने बताया कि यह कार्य केवल सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नदी के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे। मोर्णा नदी में जलकुंभी की बढ़ती समस्या के कारण नागरिकों में असंतोष था। जलकुंभी के कारण नदी का प्रवाह बाधित हो रहा था और जलजमाव से मच्छरों का संक्रमण बढ़ रहा था।
इस कार्यवाही से शहर के नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। काफी समय से सौंदर्यीकरण और जलकुंभी हटाने की मांग की जा रही थी। नियमित देखरेख की व्यवस्था की जाएगी।
