
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोेर्स: सोशल मीडिया )
Smart Meter Installation: अकोला महावितरण द्वारा लगाए गए स्मार्ट (टीओडी) मीटर पूरी तरह प्रमाणित और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित हैं। इन मीटरों का उपयोग घरेलू और औद्योगिक बिजली उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में भी किया जा रहा है।
दिसंबर माह के अंत तक अकोला परिमंडल के कुल 12,336 सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इन मीटरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक माह का मीटर रीडिंग स्वतः मीटर के माध्यम से ही दर्ज होगा।
इससे औसत बिल, मीटर रीडिंग न होने जैसी शिकायतें समाप्त हो जाएंगी और उपभोक्ताओं को सटीक तथा समय पर बिजली बिल प्राप्त होगा। राज्य में कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी वर्गों के बिजली ग्राहकों को स्मार्ट (टीओडी) मीटर लगाए जा रहे हैं।
इसमें सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं। यह मीटर तकनीकी दृष्टि से अधिक स्मार्ट हैं। उपभोक्ताओं को मुफ्त में लगाए जा रहे हैं, जिससे किसी पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। इन मीटरों में मानवीय हस्तक्षेप की कोई संभावना नहीं रहती।
अकोला परिमंडल में इन्हें चरणबद्ध तरीके से लगाया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में सरकारी कार्यालय, सरकारी निवास, मोबाइल टॉवर और खराब मीटरों को बदलने पर प्राथमिकता दी गई है। नई बिजली कनेक्शन देने पर भी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और सोलर नेट मीटरिंग में इनका उपयोग किया जा रहा है।
| जिला | संख्या (मीटर) |
|---|---|
| अकोला | 3,846 |
| बुलढाना | 5,823 |
| वाशिम | 2,667 |
स्मार्ट (टीओडी) मीटर अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होने के कारण उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग का सटीक बिल मिलेगा। साथ ही मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से उपभोक्ता प्रति घंटे का बिजली उपयोग स्वयं देख सकेंगे।
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इससे बिजली खपत पर नियंत्रण रखने में मदद – मिलेगी। महावितरण ने स्पष्ट किया है कि यदि उपभोक्ताओं को मीटर संबंधी कोई शंका होगी तो उसका समाधान किया जाएगा। बदलती तकनीक उपभोक्ता सेवा और उपभोक्ताओं के हित में है, जिससे बिजली उपयोग अधिक पारदर्शी और नियंत्रित हो सकेगा।






