

Akola Municipal Corporation: महाराष्ट्र लोकसेवा हक्क अधिनियम 2015 का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिकाभिमुख सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना है। अधिसूचित सेवाएं निर्धारित समयसीमा में प्रदान करना संबंधित पदनिर्देशित अधिकारी की जिम्मेदारी है।
यदि बिना कारण विलंब, अनदेखी या सेवा नकार दी जाती है तो अधिनियम की धारा 10 अंतर्गत दंडात्मक कारवाई का प्रावधान है। यह प्रतिपादन राज्य सेवा हक्क आयोग, अमरावती विभाग के आयुक्त अरुण डोंगरे ने किया।मनपा आयुक्त डॉ. सुनील लहाने के कक्ष में जायजा बैठक आयोजित की गई।
इस अवसर पर वे बोल रहे थे। उनके साथ उपसचिव देवेंद्र चव्हाण, कक्ष अधिकारी क्षितिज तोंडे तथा सहायक कक्ष अधिकारी सुजीत सरोदे उपस्थित थे। अधिनियम के अमल पर चर्चामनपा आयुक्त ने अधिनियम 2015 अंतर्गत कार्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली अधिसूचित सेवाओं की जानकारी अरूण डोंगरे को दी।
इसमें ऑनलाइन व ऑफलाइन सेवाएं, अधिसूचित न की गई सेवाएं, अधिनियमांतर्गत प्रशासकीय संरचना तथा तदनुसार पालन की स्थिति का विवरण प्रस्तुत किया गया।बैठक की शुरुआत में मनपा आयुक्त डॉ. सुनील लहाने ने आयुक्त अरुण डोंगरे का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उपसचिव व कक्ष अधिकारियों का स्वागत मनपा उपायुक्त दिलीप जाधव ने पुष्पगुच्छ देकर किया। बैठक का संचालन सहायक आयुक्त तथा विभाग प्रमुख विठ्ठल देवकते ने किया।
आभार प्रदर्शन उपायुक्त दिलीप जाधव ने किया। इस बैठक में चारों जोन के सहायक आयुक्त विठ्ठल देवकते, देविदास निकालजे, राजेश सरप, गजानन घोंगे, सहा. नगर रचनाकार मृणालिनी मानतकर, शिक्षणाधिकारी हरिश्चंद्र इटकर, चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश सोनोने, कर अधीक्षक नंदीनी दामोदर, संगणक विभाग प्रमुख हेमंत रोजतकर, अग्निशमन विभाग के मनीष कथले, जलापूर्ति विभाग के नरेश बावणे, निर्माण कार्य विभाग के सुधीर माल्टे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।