अकोला जिला वार्षिक योजना 2026-27 को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 491.70 करोड़ रुपये का प्रावधान
Akola Development Plan: अकोला के लिए वर्ष 2026-27 की जिला वार्षिक योजना के तहत 491 करोड़ 70 लाख रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। पालकमंत्री फुंडकर ने गुणवत्तापूर्ण कार्यों के निर्देश दिए।
Planning Committee Meeting (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो- सोशल मीडिया)
Planning Committee Meeting: अकोला जिले के लिए वर्ष 2026-27 की जिला वार्षिक योजना के अंतर्गत 491 करोड़ 70 लाख रुपये का नियोजन मंजूर किया गया है। विकास की दृष्टि से आवश्यक तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को योजना में शामिल कर उनकी मंजूरी और अन्य प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों को गति मिल सके।
यह निर्देश राज्य के श्रम मंत्री एवं जिले के पालकमंत्री एड. आकाश फुंडकर ने जिला योजना समिति की बैठक में दिए। नियोजन भवन में आयोजित बैठक में सांसद अनूप धोत्रे, विधायक रणधीर सावरकर, विधायक प्रकाश भारसाकले, विधायक हरीश पिंपले, विधायक वसंत खंडेलवाल, विधायक नितिन देशमुख, विधायक किरण सरनाईक, विधायक धीरज लिंगाडे, विधायक साजिद खान पठान, जिलाधिकारी वर्षा मीना, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनीता मेश्राम, पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक तथा मनपा आयुक्त सुनील लहाने सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जनप्रतिनिधियों के सुझाव माने
पालकमंत्री फुंडकर ने बताया कि वर्ष 2026-27 में सामान्य योजना के लिए 387 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 87 करोड़ रुपये तथा आदिवासी उपयोजना के लिए 17.70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
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विभाग करें सेल्फ ऑडिट
पालकमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि व्यापक जनहित और समग्र विकास को ध्यान में रखकर ही प्रस्ताव तैयार किए जाएं। अवास्तविक और गैरजरूरी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई बार विकास कार्यों में गंभीर त्रुटियां सामने आती हैं। इसलिए प्रत्येक विभाग को नियमित रूप से सेल्फ ऑडिट कर कमियों को समय रहते दूर करना चाहिए। कार्यों में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों और सुझावों पर चर्चा की गई। पालकमंत्री ने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों का पालन तत्काल किया जाए और उसके लिए अगली बैठक की प्रतीक्षा न की जाए। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए गए।
