

Nagpur Gram Panchayat Disability Welfare: गांव के हर वर्ग के विकास के लिए ग्राम पंचायत पूरी तरह से उत्तरदायी है। समाज के वंचित और शोषित तबके के उत्थान के लिए काम करने में ग्राम पंचायतें पूरी तरह सक्षम हैं। नियमानुसार दिव्यांगों के कल्याण और विकास के लिए 5 प्रतिशत राशि खर्च करने का अधिकार ग्राम पंचायतों को है। इस दिशा में अधिक सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ काम किया जाना चाहिए। यह कड़े निर्देश नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने दिए हैं।
जिला विकास की व्यापक योजना तैयार करते समय ग्रामीण स्तर पर लोगों की वास्तविक उम्मीदों और सरकारी योजनाओं की स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने 2 जून को पारसिवनी तहसील के भागीमारी गट ग्राम पंचायत में रात्रि प्रवास (मुकाम) किया और ग्रामीणों से सीधा संवाद साधा।
भागीमारी गांव के दौरे से पहले जिलाधिकारी ने कन्हान के नगर परिषद सभागार में सरपंच, ग्रामसेवक, पटवारी (तलाठी), पुलिस पाटिल और आपदा मित्रों के साथ आगामी मानूसन को देखते हुए आपदा प्रबंधन की एक अहम समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बताया कि पारसिवनी तहसील के 8 गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। इसलिए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहना होगा।
इस जनसंवाद के दौरान 30 वर्षीय धर्मराज भारसाखरे नामक एक दिव्यांग युवक ने जिलाधिकारी के सामने अपनी व्यथा रखी। उसने शिकायत की कि ग्राम पंचायत की ओर से दिव्यांगों को जो लाभ मिलना चाहिए था, यह उन्हें नहीं मिला।
धर्मराज की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने खंड विकास अधिकारी को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने भागीमारी ग्राम पंचायत द्वारा पिछले 3 वर्षों में दिव्यांगों के कल्याण पर खर्च की गई राशि और अब तक कितने दिव्यांगों को मदद दी गई, इसकी गहन जांच कर 3 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया।