सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों में भारी लापरवाही: नासिक में खुदी सड़कों ने ली 3 लोगों की जान
Road Accident Negligence: नासिक सिंहस्थ कुंभ कार्यों में लापरवाही से सड़क हादसे बढ़े। गड्ढों और अधूरे कामों के कारण 3 लोगों की मौत, कई घायल हुए। मनपा की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक कुंभ मेला, विकास कार्य(सोर्स सोशल मीडिया)
Kumbh Infrastructure Work Delay: नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के नाम पर शहरभर में चल रहे विकास कार्यों में बरती जा रही लापरवाही अब सीधे नासिकवासियों की जान पर भारी पड़ रही है। सड़कें खोदकर छोड़ देना, गड्डों और ऊंचे उभारों को न भरना, सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं करना तथा ठेकेदारों की लापरवाही पर मनपा द्वारा आंखें मूंद लेने के कारण कुछ ही दिनों में 3 नागरिकों की जान जा चुकी है।
कई लोग घायल हुए हैं, जबकि एक बुजुर्ग पिछले 7 दिनों से कोमा में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद महानगरपालिका केवल नोटिस जारी करने का दावा कर रही है, लेकिन दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
केबल बिछाने खोदे गए गड्ढे नहीं भरे
शुक्रवार को यह आक्रोश और बढ़ गया, जब तारवालानगर में करीब एक माह पहले हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई दीपाली बेले (68) ने 39 दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया।
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दिडोरी रोड पर यूटिलिटी केबल बिछाने के लिए की गई खुदाई के बाद बने ऊचे उभार और खुले गड्ढे उनकी मौत का कारण बने। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उनका एक महीने तक उपचार चला, लेकिन अंततः उनकी मृत्यु हो गई।
दीपाली बेले इस लापरवाही की तीसरी शिकार बनी हैं। इससे पहले इसी मार्ग पर सड़क के उभार के कारण हुए हादसे में उज्ज्वला गायकवाड़ की मौत हो चुकी थी। वहीं सातपुर में सड़क के गड्ढे के कारण हुए हादसे में पूर्व सैनिक प्रवीण गायकवाड़ ने भी जान गंवा दी थी। लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नासिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर हो चुकी कई घटनाएं
इसी बीच नासिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर भी सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है। सात दिन पहले हुए भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल दिलीप काले (74) अब भी कोमा में हैं। इस मार्ग पर अब तक 7 से 8 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
शिंदे सेना के नगरसेवक प्रवीण जाधव ने संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। लगातार बारिश के बाद शहर की सड़कों की बदहाली और उजागर हो गई है।
जगह-जगह गड्डे, जाम नालियां, जलभराव और गिरे हुए पेड़ों के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस पृष्ठभूमि में शिवसेना (उबाठा) ने अतिरिक्त आयुक्त अमित रंजन को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है।
उद्धव की सेना ने दी आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बारिश से पहले कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब रही है। नालियां और जलनिकासी व्यवस्था की समस्याएं सात दिनों के भीतर दूर नहीं की गई तो मनपा के खिलाफ उम्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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इस बीच दीपाली बेले के परिजनों ने इस दुर्घटना के लिए संबंधित ठेकेदार और मनपा प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए आर्थिक सहायता तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
तीन नागरिकों की मौत, कई दुर्घटनाएं और एक व्यक्ति अब भी कोमा में है। इसके बावजूद कार्रवाई का कोई नामोनिशान नहीं है। विकास कार्यों के नाम पर हो रही इस लापरवाही की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा, यह सवाल अब नासिकवासियों के बीच गूंज रहा है।
