Ahilyanagar में 5 साल की बच्ची को उठा ले गया तेंदुआ, पुणे में भी दहशत

Maharashtra के अहिल्यानगर और पुणे में तेंदुओं के लगातार हमलों से दहशत फैल गई है। तीन मौतों और कई हमलों के बीच सरकार नसबंदी और शिफ्टिंग जैसे उपायों पर विचार कर रही है।
Leopard Attack
तेदुंए का हमला (सौ. सोशल मीडिया )
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Ahilyanagar News In Hindi: महाराष्ट्र सरकार के वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद राज्य में तेंदुओं का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अहिल्यानगर के पारनेर, कोपरगांव और अब शहर क्षेत्र में तेंदुआ ने आतंक मचा रखा है।

बुधवार की रात खारे कर्जूने इलाके में एक 5 साल की बच्ची रियंका पवार को तेंदुआ उठा ले गया। रियंका अपने घर के आंगन में खेल रही थी, जबकि घर के अंदर उसकी मां और दादी खाना बना रही थी।

इसी दौरान पास के खेत से निकले तेंदुआ ने अचानक रियंका पर हमला किया और उसे दबोचकर ले गया। यह पिछले 10 दिनों में जिले में यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले कोपरगांव तालुका के टाकली गांव में एक 60 वर्षीय महिला और एक 4 वर्षीय बच्ची पर तेंदुआ ने हमला किया था।

पुणे में भी बढ़ा आतंक

महाराष्ट्र के पुणे जिले में भी तेंदुओं का आतंक बढ़ गया है। इनके हमले में पिछले 20 दिनों में 3 लोगों की मौत हो चुकी है जिसके चलते लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। कुछ महिलाओं ने बचने के लिए अपने गले में नुकीली कीलों की पट्टियां पहनना शुरू कर दिया है।

तेंदुओं की नसबंदी और उनके शिफ्टिंग पर विचार

महाराष्ट्र सरकार राज्य के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं के बढ़ते आतंक से निपटने के लिए उनकी नसबंदी के अलावा शिफ्टिंग पर विचार कर रही है। इस बारे में हाल ही में हुई मीटिंग में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रस्तावित उपायों का उद्देश्य तेंदुआ-बहुल क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों को राहत प्रदान करना है। वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि पुणे जिले के जनार क्षेत्र में तेंदुओं की घनी आबादी है और राज्य इनमें से कुछ जानवरों को अन्य राज्यों में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। कुछ को गुजरात के वनतारा में स्थानांतरित किया जाएगा।

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