Maharashtra में मतदाता संख्या 9.84 करोड़, ठाणे नए पंजीकरण में सबसे आगे

Nikaay Chunaav: महाराष्ट्र में मतदाता संख्या 9.84 करोड़ पहुंच गई है। ठाणे नए पंजीकरण में अव्वल रहा। वहीं चुनाव आयोग ने एनसीपी शरद गुट की मांग मानते हुए ‘पिपाणी/तुतारी’ जैसा प्रतीक सूची से हटा दिया।
Voters List
महाराष्ट्र वोटिंग लिस्ट (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Nikaay Chunaav: राज्य में होने वाले आगामी स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों के लिए मतदान की अद्यतन सूची राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की है। आयोग ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर 1 जुलाई 2025 की स्थिति के अनुसार अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की है।

जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 9 करोड़ 84 लाख 96 हजार 626 हो गई है। पिछले 7 महीनों के दौरान राज्य में 18,80,553 नये मतदाताओं का पंजीकरण किया गया है, जबकि 4 लाख 9 हजार 46 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में मतदाताओं की संख्या 9 करोड़ 70 लाख 25 हजार 119 थी। इस वर्ष उसमें लगभग 14।7 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है।

आयोग को बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त

राज्य निर्वाचन आयोग ने दी है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए आयोग को फॉर्म क्र। 6 के माध्यम से 16,83,573 नागरिकों ने आवेदन दाखिल किए हैं, साथ ही विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध फॉर्म क्र। ८अ के माध्यम से भी कुछ आवेदन प्राप्त हुए हैं।

नये मतदाताओं के पंजीकरण में ठाणे आगे

  • राज्य के विभिन्न जिलों में नए मतदाता पंजीकरण का आकलन करने पर आंकड़ों से पता चलता है कि ठाणे जिला सबसे आगे है।
  • ठाणे जिले में सबसे अधिक 2,71,666 नये मतदाताओं ने आवेदन दाखिल किए है। इसी जिले में 45,800 मतदाताओं ने अपने नाम हटाने के लिए आवेदन किया है।
  • पुणे जिले में 1,82, 490 नवे मतदाताओं का पंजीकरण हुआ है। मुंबई उपनगर में 95,630 नये मतदाताओं का पंजीकरण हुआ है तथा 44, 000 व्यक्तियो के नाम मतदाता सूची से हटाए।

NCP शरद गुट को आयोग से बड़ी राहत

इस बीच, राको (शरद गुट) को लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान 'तुतारी बजाने वाला आदमी (उसका पार्टी विहन) से मिलते-जुलते 'दिपाणी (ट्रम्पेट)' नामक स्वतंत्र चिह्न के कारण नुकसान हुआ था। ऐसी शिकायत थी। इस संबंध में शरद पवार गुट ने चुनाव आयोग से पिपाणी चिहन को फ्रीज करने की मांग की थी।

आखिरकार आयोग ने वह मांग स्वीकार कर ली और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव के लिए मुक्त बिन्हों की सूची से 'पिपाणी' चिहन हटा दिया है। 'पिपाणी' विहन आयोग की सूची में तुतारी' नाम से दर्ज था। इस नाम-सादृश्य के कारण मतदाताओं में भ्रम पैदा हुआ और शरद पवार गुट के उम्मीदवारों को मिलने वाले वोट निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर चले गए, ऐसा दावा राष्ट्रवादी (शरद गुट) पार्टी की ओर से किया गया था।

उसी पृष्ठभूमि में शरद गुट ने चुनाव आयोग से इस विघ्न को हटाने की औपचारिक मांग की थी। स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के आगामी चुनावों से पहले आयोग ने अपनी 194 मुक्त चिहनों की सूची से 'विधाष्णी (ट्रम्पेट) चिहान हटाने का फैसला लिया है।

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