
Ahilyanagar agriculture festival (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Agriculture Festival: कृषि विभाग, आत्मा, पशुपालन विभाग (ज़िला परिषद) तथा एक्सपो इंडिया ओशन प्रा. लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में नगर-पुणे रोड स्थित नेमाने एस्टेट में आयोजित पाँच दिवसीय ‘कृषि पर्व’ कृषि महोत्सव का समापन ज़िला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद भंडारी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस कृषि महोत्सव से कुल 3.42 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं—दोनों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।
इस महोत्सव का उद्घाटन 5 फरवरी को पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने किया था। विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने महोत्सव का दौरा कर सरकार की इस पहल की सराहना की। उपस्थित जनों ने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल आज वटवृक्ष का रूप ले चुकी है और भविष्य में इसका दायरा और अधिक बढ़ेगा। किसान-से-उपभोक्ता प्रत्यक्ष बिक्री प्रणाली लागू होने से दोनों पक्षों को बड़ा फायदा हुआ है।
समापन अवसर पर सीईओ आनंद भंडारी ने महोत्सव स्थल का निरीक्षण किया और विभिन्न स्टॉल होल्डर्स से संवाद किया। उन्होंने स्टॉल संचालकों को प्रमाणपत्र वितरित किए। इस दौरान किसानों और स्टॉल होल्डर्स ने सरकार की इस पहल के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए किसानों को उचित बाज़ार उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। किसानों ने मांग की कि इस प्रकार के महोत्सव समय-समय पर आयोजित किए जाएं, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
ज़िला अधीक्षक कृषि अधिकारी सुधाकर बोराले ने बताया कि इस कृषि महोत्सव में 4 लाख से अधिक उपभोक्ताओं और आम नागरिकों ने सहभागिता की और खरीदारी का आनंद लिया। विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि सरकार भविष्य में भी किसानों और उपभोक्ताओं के हित में इसी प्रकार की योजनाएँ लागू करती रहेगी।
‘कृषि पर्व’ के सफल आयोजन के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर (आत्मा) प्रदीप लाटे, उपनिदेशक राजाराम गायकवाड़, उपनिदेशक कृषि सागर गायकवाड़, उपकृषि अधिकारी (अहिल्यानगर) दत्तात्रेय दमाले सहित किरण मोरे, सागर धावले, प्रमोद गावड़े, अशोक वाल्के, हर्षदा जगताप, मनीषा कवटे, क्रांति चौधरी, प्रकाश अहेर तथा अन्य कृषि अधिकारियों व कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।






