

Koya Krishi Kumbh 2026: कृषि संस्कृति तथा स्थानीय उत्पादनों को विश्वस्तर पर मंच दिलाने के उद्देश्य से आयोजित ‘कोया कृषि कुंभ 2026’ भव्य कृषि महोत्सव में रविवार, 8 फरवरी को एक ऐतिहासिक पल साकार हुआ। प्रसिद्ध आचारी विष्णु मनोहर के नेतृत्व में करीब 1111 किलो रागी का हलवा तैयार कर विश्व रिकॉर्ड प्रस्थापित किया।
इस उपक्रम के चलते गड़चिरोली जिले के मोटा अनाज, खासकर रागी फसलों का पोषणमूल्य तथा महत्त्व राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ गया है। आदिवासी व दुर्गम क्षेत्र की परंपरागत खेती तथा स्थानीय कृषि उत्पादनों को वैश्विक पहचान मिले, यह इस उपक्रम के पीछे का उद्देश्य था।
रागी से तैयार किए गए इस महाकाय हलवे का पंजीयन इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक ऑफ इंडिया में ली गई है। यह रिकॉर्ड स्थापित करने के लिए उपयोग में लायी गई रागी यह गड़चिरोली जिले के किसानों से शाश्वत पद्धति से उत्पादित की गई थी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, जिला पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल, सहायक जिलाधिकारी एम. अरूण इसके साथ जिले के विभिन्न सरकारी अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, किसान, नागरिक उपस्थित थे। इस पराक्रम के चलते गड़चिरोली जिले के कृषि परंपरा तथा स्थानीय किसानों के मेहनत को एक अलग पहचान मिलने की भावना उपस्थितों ने व्यक्त की।
इस ऐतिहासिक उपक्रम के तैयारी के लिए विगत एक पखवाड़े से विशेष नियोजन किया गया था। यह हलवा तैयार करते समय पानी, गुड़, घी, चारोली, ड्रायफ्रूट्स आदि परंपरागत व पोषक घटकों का उपयोग किया गया। इस संपूर्ण प्रक्रिया में प्रत्यक्ष उपस्थित रहकर रिकार्ड संस्थाओं के प्रतिनिधि ने कड़ाई से जांच की।
इस उपक्रम का मुख्य उद्देश्य मोटा अनाज फसलों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना, उनके पोषणमूल्य नागरिकों तक पहुंचाना तथा किसानों को प्रोत्साहन देना है, ऐसी बात आत्मा की प्रकल्प संचालक, तथा जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रीति हिरलकर ने कहीं। ‘कोया कृषि कुंभ’ के कारण गड़चिरोली के कृषि परंपरा के विश्व स्तर पर निशान अंकित हो रहे है, यह उपक्रम भविष्य में भी प्रेरणादायी साबित होने वाला है, ऐसा विश्वास व्यक्त किया।