
maize cultivation increase (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Farmers News: गोंदिया जिले में पिछले चार-पाँच वर्षों के दौरान रबी मौसम में उगाई जाने वाली दलहन फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत, किसानों का रुझान अब नगदी फसलों की ओर बढ़ता जा रहा है, जिससे मक्का और सरसों की खेती में तेजी से वृद्धि हुई है।
उत्तम गुणवत्ता के धान के कारण गोंदिया जिले को लंबे समय से ‘राइस सिटी’ के नाम से जाना जाता रहा है और यहां का चावल देश-विदेश में निर्यात किया जाता है। हालांकि, लगातार एक ही प्रकार की फसल उगाने से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और धान की खेती अब किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है।
इसी कारण किसानों को वैकल्पिक फसल के रूप में मक्के की खेती की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग ने जिले की पहचान को राइस सिटी से आगे बढ़ाकर ‘कॉर्न सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं।
जिले में खरीफ मौसम के दौरान लगभग 2.15 लाख हेक्टेयर तथा गर्मी के मौसम में 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है। इस वजह से तीसरी फसल के लिए क्षेत्र सीमित रह जाता है। अपेक्षित मूल्य न मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। अर्जुनी मोरगांव और सड़क अर्जुनी तहसीलें मक्का उत्पादन में अग्रणी हैं, जहां जिले के कुल कृषि क्षेत्र का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा मक्का खेती के अंतर्गत आता है।
जिले में मक्के की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। इसके लिए दो खरीदी केंद्र सक्रिय हैं और मार्केटिंग व्यवस्था भी मजबूत की गई है। शुरुआत में 110 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित की गई थी, लेकिन केंद्र स्तर पर सीमित वित्तीय उपलब्धता के कारण इसे घटाकर 35 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं, रबी मौसम में दलहन खेती का रकबा अपेक्षा से कम बढ़ पाया है।
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गोंदिया जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवाडे ने कहा कि गर्मी और रबी दोनों मौसमों में धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। गर्मी के धान में अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है, जबकि मक्का की पैदावार मात्र 30 प्रतिशत पानी में संभव है। इसी कारण मक्का खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूसरी ओर, जंगली जानवरों की बढ़ती संख्या के कारण दलहन फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। इससे किसान नगदी फसलों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं और अनाज की पैदावार में गिरावट दर्ज की जा रही है।






