Nagpur Crime: मिलने के बहाने घर पर बुलाया और दोस्तों के साथ मिलकर किया दुष्कर्म, 15 साल की लड़की से गैंगरेप

Nagpur Gangrape Case: नागपुर के नंदनवन इलाके में 15 साल की नाबालिग से गैंगरेप। मुख्य आरोपी गिरफ्तार और दो अन्य नाबालिग हिरासत में। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
Kalyan Dombivli Three Minor Rape Cases: कल्याण-डोंबिवली में नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म के 3 मामले, सभी आरोपी गिरफ्तार
कल्याण POCSO केस न्यूज़ : प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
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Minor Girl Rape Nagpur: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ उसके जान-पहचान के युवक और उसके दो साथियों ने मिलकर गैंगरेप किया। नंदनवन पुलिस स्टेशन की सीमा में हुई इस घटना ने शहर में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संलिप्त दो अन्य नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।

यह पूरी घटना विश्वासघात और क्रूरता का एक ऐसा उदाहरण है जिसने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

विश्वास का फायदा उठाकर घर बुलाया

पीड़िता और मुख्य आरोपी के बीच पहले से जान-पहचान थी। इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी ने 4 फरवरी को नाबालिग को मिलने के बहाने अपने घर बुलाया। लड़की को लगा कि घर पर आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद होंगे, इसलिए वह बिना किसी डर के वहां चली गई। लेकिन 5 फरवरी को जब वह घर पहुँची, तो आरोपी ने उसे अकेला पाकर जबरदस्ती शुरू कर दी। मुख्य आरोपी के साथ-साथ उसके दो अन्य नाबालिग साथियों ने भी पीड़िता के साथ घिनौना काम किया।

खामोशी के बाद खुला राज: पुलिस की कार्रवाई

वारदात के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराया-धमकाया, जिससे वह सहम गई और कई दिनों तक चुप रही। हालांकि, जब उसके परिवार ने उसके व्यवहार में बदलाव देखा और उसे भरोसे में लेकर पूछताछ की, तो उसने सिसकते हुए अपनी आपबीती सुनाई। परिजनों ने बिना देरी किए नंदनवन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल नागपुर गैंगरेप में BNS की संबंधित धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को धर दबोचा।

नाबालिगों की सुरक्षा और कानूनी चुनौतियां

नागपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता को वर्तमान में मेडिकल सहायता और उचित काउंसलिंग प्रदान की जा रही है ताकि वह इस मानसिक सदमे से उबर सके। इस मामले में दो आरोपी खुद नाबालिग हैं, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसे जघन्य मामलों में कठोरतम सजा दी जाए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।

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