
आरटीआई कानून (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: सूचना का अधिकार कानून के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। राज्य सूचना आयोग की नाशिक खंडपीठ ने एक आरटीआई कार्यकर्ता की एक साथ 1007 अपीलें खारिज करते हुए इस प्रवृत्ति पर बड़ा प्रहार किया है।
राज्य सूचना आयोग द्वारा एक साथ इतनी द्वितीय अपीलें खारिज करना यह पहला मौका है। आयोग ने अपीलें खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई पर विचार करने की चेतावनी भी दी है। बीड के वकील केशव निंबालकर ने राज्य सूचना आयोग की नाशिक खंडपीठ के समक्ष हजारों की संख्या में द्वितीय अपीले दायर की थीं।
निंबालकर ने तीन वर्षों के कार्यकाल में अहमदनगर, नाशिक, धुले, जलगांव और नंदुरबार जिलों के लगभग सभी तहसीलों से लेकर जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों में आरटीआई के तहत आवेदन डालकर विभिन्न प्रकार की सूचनाएं मांगी थीं।
मांगी गई सूचनाएं पुरानी और विस्तृत स्वरूप की थीं। इसके अलावा एक ही सूचना के लिए एक से अधिक बार अलग-अलग आवेदन दायर किए गए। जब जनसूचना अधिकारी से सूचना नहीं मिली, तो निंबालकर ने राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर कर दी।
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