चौंडी से शुरू हुई ‘गोदा से नर्मदा’ जल यात्रा 2026, जल संरक्षण का देगा देशभर में संदेश
Goda To Narmada Yatra: जामखेड के श्रीक्षेत्र चौंडी से गोदा से नर्मदा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी जल यात्रा 2026 का शुभारंभ हुआ, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत व जनजागरूकता को बढ़ावा देना है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Eknath Shinde (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyadevi Jal Yatra: श्रीक्षेत्र चौंडी मराठी संस्कृति का केंद्र है और यह भूमि पिछले 300 वर्षों से राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है। ‘गोदा से नर्मदा’ जल यात्रा केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा भी है। हमारे इतिहास, संस्कृति और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा पूरे देश में जल संरक्षण का नया संदेश देगी।
श्रीक्षेत्र चौंडी (ता. जामखेड) में आयोजित ‘गोदा से नर्मदा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी जल यात्रा 2026’ का आज शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे, सांसद रामराव वडकुटे, विधायक काशीनाथ दाते, विट्ठल लांघे, अमोल खटाल, पूर्व सांसद डॉ. सुजय विखे पाटिल, जिलाधिकारी डॉ. पंकज आसिया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद भंडारी, जल संसाधन विभाग के सचिव संजय बेलसरे, अधीक्षक अभियंता अलका अहिरराव, पुंडलिक महाराज जंगले शास्त्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पॉजिटिव बदलाव का संकल्प
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की, जबकि पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर ने अपने कार्यों से उसे आगे बढ़ाया। सुशासन, महिला सशक्तिकरण, जनकल्याण, जल प्रबंधन, विरासत संरक्षण और राष्ट्र निर्माण उनके प्रशासन की विशेषताएं थीं।
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विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे ने कहा कि यह यात्रा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर के कार्यों को दर्शाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। ‘जन्मभूमि से कर्मभूमि’ की संकल्पना के साथ चौंडी से शुरू हुई यह यात्रा जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी। कृषि विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना और प्रकृति संरक्षण आज की आवश्यकता है।
📍 चौंडी, जामखेड, #अहिल्यानगर | ‘गोदा ते नर्मदा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी जलयात्रा २०२६’चा शुभारंभ आज अहिल्यादेवींचे जन्मस्थान असलेल्या चौंडी येथून करण्यात आला. या यात्रेपूर्वी अहिल्यादेवी स्मारकाचे पूजन, जलकलश पूजन आणि जन्मभूमीच्या पवित्र मातीचा कलश पूजन करण्यात आले. माती आणि… pic.twitter.com/JkDAB77XB6 — Eknath Shinde – एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) April 25, 2026
चौंडी की पवित्र मिट्टी और सिना नदी के जल का पूजन
कार्यक्रम में चौंडी की पवित्र मिट्टी और सिना नदी के जल का पूजन किया गया। अहिल्यादेवी होल्कर ने अपने 29 वर्षों के आदर्श शासन से यह सिद्ध किया कि एक कल्याणकारी राज्य कैसा होता है। उन्होंने जल संरक्षण, धर्मशालाओं का निर्माण, मंदिरों का जीर्णोद्धार, नदियों पर घाट निर्माण, आदर्श कर प्रणाली तथा किसानों और व्यापारियों को रियायत देकर समाज कल्याण का कार्य किया।
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इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. सुजय विखे पाटिल ने रखी, जबकि हभप जंगले महाराज ने प्रवचन दिया। पूजित कलश को मध्य प्रदेश के महेश्वर ले जाया जाएगा।
यात्रा का मार्ग
यह यात्रा त्र्यंबकेश्वर से प्रारंभ होकर नासिक, सिन्नर, संगमनेर (विश्राम), लोनी होते हुए शिरडी पहुंचेगी। चौंडी से शुरू हुई यात्रा का पहला पड़ाव अहिल्यानगर और दूसरा शिरडी होगा। तीसरे दिन दोनों यात्राएं संभाजीनगर होते हुए घृष्णेश्वर पहुंचेंगी। चौथे दिन यात्रा कन्नड़-चालीसगांव मार्ग से धुले पहुंचेगी। 29 अप्रैल को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के हाथों जल कलश का स्वागत होने के बाद यात्रा महेश्वर में संपन्न होगी।
