गर्मी के चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 44 डिग्री तापमान के बीच यवतमाल के 67 केंद्रों में हीट स्ट्रोक कक्ष तैयार
Yavatmal Heat Stroke Ward: यवतमाल में 44 डिग्री तापमान के बीच हीट स्ट्रोक खतरे को देखते हुए 67 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष कक्ष तैयार किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने दवाइयों व बेड की व्यवस्था की।
- Written By: अंकिता पटेल
यवतमाल हीट स्ट्रोक, (प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Yavatmal Heatwave Alert Maharashtra: यवतमाल जिला में मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही जिले में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है। ऐसे में हीट स्ट्रोक (उष्माघात) के मामलों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। इसी के तहत जिले के 67 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष ‘हीट स्ट्रोक कक्ष तैयार किए गए हैं।
शनिवार को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सुबह से ही तेज गर्मी का असर महसूस होने लगा। जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी केंद्रों पर आवश्यक दवाइयों और सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की है। अप्रैल में आमतौर पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाता है।
शुष्क मौसम के कारण हीट वेव का खतरा भी बढ़ जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक केंद्र में 4 से 5 बेड, डॉक्टर, नर्स और आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की गई है। गर्मी में आग लगने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को विद्युत व्यवस्था की जांच कर इलेट्रिकल ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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- हीट स्ट्रोक से बचाव और प्राथमिक उपचार
- प्रभावित व्यक्ति को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं
- शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी से पोछे
- ओआरएस, छाछ, लस्सी, नींबू पानी जैसे पेय दें
- स्थिति गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल मैं भर्ती कराए
अस्पताल में उपचार की व्यवस्था
हीट स्ट्रोक कक्ष में मरीजों को प्राथमिक उपचार, ओआरएस और जरूरी दवाइयों दी जाती हैं। यदि 2-3 दिनों में सुधार नहीं होता, तो मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। डॉ. स्मिता पेटकर (जिला महामारी अधिकारी) ने बताया कि सभी केंद्रों को सतर्क रहने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उमरखेड़ तहसील पहले से हॉटस्पॉट
उमरखेड़ शहर सहित तहसील क्षेत्र में गर्मी की लहर का असर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। आज बादलों की मौजूदगी के बावजूद तेज गर्मी से लोग बेहाल हैं। झुलसा देने वाली धूप के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों का काम सुबह 11 बजे से पहले ही बंद करना पड़ रहा है। वहीं शहर में भी दोपहर के समय सड़कों पर भीड़ कम हो गई है और बाजार सूने नजर आ रहे हैं।
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पहले से ही “हॉटस्पॉट” माने जाने वाले उमरखेड़ तहसील में तापमान लगातार बढ़ रहा है। गर्मी की शुरुआत के साथ ही तापमान में रोजाना इजाफा देखा जा रहा है। 24 अप्रैल को शहर और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आज मौसम आंशिक रूप से बादलों से ढका होने के बावजूद उमस और गर्मी से नागरिक परेशान हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है।
