संभाजी ब्रिगेड ने किया धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिमा पर गोबर से अभिषेक, सोलापुर के चार हुतात्मा चौक पर प्रदर्शन
Dhirendra Shastri: संभाजी ब्रिगेड ने चार हुतात्मा चौक पर बागेश्वर के धीरेंद्र शास्त्री के शिवाजी महाराज पर विवादित बयान के खिलाफ विरोध किया और उनकी मूर्ति पर अभिषेक किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Sambhaji Brigade (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Sambhaji Brigade: संभाजी ब्रिगेड ने सोलापुर के चार हुतात्मा चौक पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री, जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया था, उनकी प्रतिमा पर गोबर डालकर अभिषेक किया और विरोध किया। संभाजी ब्रिगेड के पदाधिकारी चार हुतात्मा चौक पर इकट्ठा हुए। इस मौके पर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ नारे लगाए गए।
साधु को अपने मठों में बैठकर आध्यात्मिक काम करना चाहिए। संभाजी ब्रिगेड ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में इस समय समाज में जाति और धर्म के बीच दरार पैदा करने का काम चल रहा है और ऐसे पाखंडी साधु को महाराष्ट्र सरकार का समर्थन मिल रहा है। इतिहास की जानकारी के बिना इतिहास का रिसर्चर बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, नहीं तो संभाजी ब्रिगेड ऐसे बदमाश को महाराष्ट्र में उसके स्टाइल में घूमने नहीं देगी। ऐसी भी चेतावनी इस वक्त दी गई।
पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस मौके पर संभाजी ब्रिगेड के पश्चिमी महाराष्ट्र के प्रेसिडेंट श्याम कदम, जिला प्रेसिडेंट संभाजी राजे भोसले, महिला आघाड़ी की जिला प्रेसिडेंट मीनालदास वकील, आघाड़ी के जिला प्रेसिडेंट गणेश कदम, जिला वाइस प्रेसिडेंट फिरोज सैयद, जिला वर्किंग प्रेसिडेंट राजेंद्र माने, उद्योग आघाड़ी के शहर प्रेसिडेंट संतोष सुरवसे, जिला ऑर्गेनाइजर दिलीप भोसले, मोहोल तालुका प्रेसिडेंट अंजलि भोसले, मोहोल शहर प्रेसिडेंट अंजलि मोहिते वगैरह मौजूद थे।
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मंच पर मौजूद थे दिग्गज, बाबा ने सुनाया मनगढ़ंत किस्सा
बता दें कि नागपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने छत्रपती शिवाजी महाराज के बारे में ऐसी टिप्पणी की है जिसे महाराष्ट्र की जनता ‘धक्कादायक’ और अपमानजनक मान रही है। बाबा ने दावा किया कि शिवाजी महाराज युद्ध लड़ते-लड़ते थक गए थे और उन्होंने अपना राज्य समर्थ रामदास स्वामी को सौंपने की इच्छा जताई थी।
नागपुर में ‘भारतदुर्गा शक्तिपीठ’ के शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे। इसी मंच से बागेश्वर बाबा ने शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास स्वामी के बीच एक कथित संवाद का जिक्र किया।
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गुरु-शिष्य परंपरा का विवादित चित्रण
बाबा ने कहा कि छत्रपती शिवाजी महाराज युद्ध करते-करते बहुत थक गए थे। उन्हें लगा कि अब बस हो गया। वे समर्थ रामदास स्वामी के पास गए, अपना मुकुट उतारा और चरणों में रख दिया। महाराज ने कहा कि अब मुझ पर कृपा करें, मुझे और युद्ध नहीं लड़ना। यह राजपाठ आप संभालें, अब मुझमें चलने की शक्ति नहीं बची। मुझे अब आराम चाहिए, विश्राम चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे का किस्सा सुनाते हुए कहा कि जब महाराज ने आराम की इच्छा जताई, तो समर्थ रामदास स्वामी मुस्कुराए और पूछा कि शिष्य का कर्तव्य क्या है? महाराज ने जवाब दिया कि गुरु की आज्ञा मानना। तब स्वामी ने वही मुकुट दोबारा महाराज के सिर पर रखा और कहा कि ‘राज्य मेरा है, लेकिन शासन तुम्हें करना है।’
