
bank employees protest (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Banking Unions Protest: बैंकों में पांच दिन का सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से 27 जनवरी 2026 को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल बुलाई गई। इसी क्रम में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी सावेडी स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (प्रोफेसर कॉलोनी) के सामने एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अहिल्यानगर जिला बैंक एम्प्लॉइज़ यूनियन के अध्यक्ष कॉमरेड माणिक अडाने ने नारों के साथ की। उन्होंने हड़ताल के पीछे के कारण बताते हुए कहा कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के साथ हुए समझौते के दौरान यह भरोसा दिया गया था कि आने वाले दिनों में बातचीत कर पांच दिन के सप्ताह पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। केवल आश्वासन दिए गए और लेबर कमिश्नर के साथ बैठकों के ज़रिए समय टालने का प्रयास किया गया। इसी कारण यह हड़ताल बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों पर मजबूरी में थोपी गई है।
इस बैठक में राज्य सरकारी कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी कॉमरेड रावसाहेब निमसे और कॉमरेड अशोक मसाल उपस्थित रहे। उन्होंने हड़ताल को समर्थन देते हुए कहा कि देश के कई सरकारी कार्यालयों में पहले से ही पांच दिन का सप्ताह लागू है और वहां कामकाज में कोई बाधा नहीं आ रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों में भी इसे लागू करने से कार्यक्षमता प्रभावित नहीं होगी। इसके उलट, उन्होंने इसे कर्मचारी विरोधी नीतियों का परिणाम बताते हुए सभी बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया। साथ ही आश्वासन दिया कि राज्य सरकारी कर्मचारी यूनियन हर संघर्ष में उनके साथ खड़ी रहेगी।
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि आज बैंकिंग में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग हो रहा है। ATM, नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप जैसी सुविधाओं के कारण ग्राहकों को पांच दिन के सप्ताह से किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। यह भी उल्लेख किया गया कि रिज़र्व बैंक, स्टॉक एक्सचेंज, सरकारी कार्यालय और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन में पहले से ही पांच दिन का सप्ताह लागू है।
ये भी पढ़े: जिस घड़ी ने बनाया नेता, वही बनी मौत के बाद डेड बॉडी पहचानने का जरिया- अजित पवार की मौत से जुड़ा अजब-गजब संयोग
नेताओं ने बताया कि लेबर कमिश्नर के साथ हाल ही में हुई बैठकों में भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। पिछले सप्ताह हुई दो बैठकों के निष्फल रहने के कारण आज की सांकेतिक हड़ताल का निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांच दिन के सप्ताह से बैंक के कुल कार्य घंटे कम नहीं होंगे, क्योंकि दो शनिवार के कार्य घंटों को शेष पांच कार्यदिवसों में समायोजित करने पर सहमति बन चुकी है।
प्रदर्शन के दौरान सरकारी नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। इस आंदोलन में महिला कर्मचारियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। वक्ताओं ने कहा कि आने वाला समय और अधिक संघर्षपूर्ण हो सकता है, इसलिए विशेषकर युवा कर्मचारियों को आगे आना होगा।
कार्यक्रम को कॉमरेड कांतिलाल वर्मा, सचिन शिरसाठ, विकास केदार, चेतन बुरा, मयूर जामगांवकर, सुजय उदारभरे, सुजय नाले पाटिल, अमिता अडसुरे, अरुंधति पुजारी, सूरज गाडे और संदीप सरोवरे ने संबोधित किया। कार्यक्रम का समन्वय माणिक अडाने ने किया। अंत में सभी उपस्थित कर्मचारियों और अधिकारियों ने एकजुट रहने का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन किया।






