

Ajit Pawar Death Nitin Gadkari Condolence: विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असमय निधन ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई दिग्गज नेताओं ने इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
बुधवार सुबह पुणे जिले के बारामती के पास हुए विमान दुर्घटना में 66 वर्षीय अजित पवार समेत 5 लोगों की जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वे मुंबई से लौट रहे थे। इस हृदयविदारक घटना ने पवार परिवार और उनके समर्थकों को गहरे शोक में डुबो दिया है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि यह खबर स्तब्ध करने वाली और दिल तोड़ने वाली है। उन्होंने कहा कि अजित पवार के साथ उनका वर्षों पुराना व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध रहा है। गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध इस जननेता की असमय मृत्यु केवल राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। नितिन गडकरी ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि इस हादसे में पवार की मृत्यु की खबर स्तब्ध करने वाली, दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार के साथ उनका बेहद घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध रहा है। कई वर्षों तक राज्य विधानमंडल में साथ काम करते हुए मेरी अजित दादा के साथ बहुत घनिष्ठ मित्रता रही। उनकी प्रशासनिक कुशलता, विकास की स्पष्ट दृष्टि और लोगों से सीधे जुड़ने की क्षमता ने महाराष्ट्र की राजनीति में उनका ऐसा स्थान सुनिश्चित किया जिसे कभी कोई और नहीं ले पाएगा।
महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी पवार के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती के पास प्लेन हादसे में असमय मृत्यु बेहद दुखद है। मैं अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और शोक संतप्त परिवार के सभी सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ओम शांति।
महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि सभी के दिलों में अजित पवार का विशेष स्थान था और वह कठिन परिस्थितियों का डटकर सामना करने की क्षमता रखते थे। शिरसाट ने कहा कि पवार की मृत्यु पूरे राज्य के लिए स्तब्ध करने वाली है। राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कल्याण मंत्री अतुल सावे ने कहा कि अजित पवार की मृत्यु से राज्य में एक रिक्तता उत्पन्न हुई है और महाराष्ट्र ने विकास के लिए निरंतर प्रयास करने वाले एक नेता को खो दिया है।