“कसरत फिर शुरू करूंगा…” Ajit Pawar की वो आखिरी मुलाकात, जो याद बन गई

Ajit Pawar Plane Crash में असमय निधन से महाराष्ट्र शोक में है। मौत से 10 दिन पहले बारशी विधायक दिलीप सोपाल से हुई मुलाकात और उनकी कही आखिरी बातें आज सभी को भावुक कर रही हैं।
Dilip Sopal
दिलीप सोपाल (सौ. सोशल मीडिया )
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Dilip Sopal Statement On Ajit Pawar Death News: आज सुबह महाराष्ट्र के लिए आंखों में आंसू लेकर आई। बारामती में हुए भीषण विमान हादसे में राज्य के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार की असमय मौत हो गई। हमेशा भागते-दौड़ते, पिंक जैकेट में नजर आने वाले अजित पवार का यूं अचानक जाना किसी को भी स्वीकार नहीं हो पा रहा है।

जैसे ही अजित पवार के निधन की खबर फैली, आम कार्यकर्ताओं से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक सभी स्तब्ध रह गए। सोशल मीडिया पर नेताओं, विधायकों और मंत्रियों ने अपनी यादें साझा कीं। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने कल ही दादा को टीवी पर देखा था या उनसे बात की थी।

10 दिन पहले दिलीप सोपाल से आखिरी मुलाकात

बारशी के विधायक दिलीप सोपाल, जो 1985 से अजित पवार के करीबी दोस्त रहे हैं, उनसे 10 दिन पहले जिला परिषद चुनाव के सिलसिले में मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात की यादें बारशी के कॉर्पोरेटर नागेश अक्कलकोटे ने साझा कीं।

बारामती हॉस्टल की वो यादगार बातचीत

18 जनवरी को पुणे के बारामती हॉस्टल में हुई इस मुलाकात में अजित पवार ने बेहद आत्मीयता से सबका स्वागत किया। करीब डेढ़ घंटे तक दिल खोलकर राजनीतिक और व्यक्तिगत चर्चा हुई। कमरे में दिलीप वाल्से पाटिल और शिवाजीराव अधलराव भी मौजूद थे।

“चुनाव खत्म होते ही कसरत शुरू करूंगा”

इसी बातचीत के दौरान अजित पवार ने दिलीप सोपाल से कहा था कि चुनावों की भागदौड़ के चलते उन्होंने एक्सरसाइज बंद कर दी है, लेकिन जैसे ही जिला परिषद चुनाव खत्म होंगे, वह फिर से कसरत शुरू करेंगे। आज यह बात उनकी आखिरी कही बातों में गिनी जा रही है।

बारशी से खास लगाव

कॉर्पोरेटर नागेश अक्कलकोटे ने बताया कि अजित पवार का बारशी से खास लगाव था और उन्होंने इस क्षेत्र के लिए बहुत काम किया। बातचीत खत्म होने पर दादा ने मुस्कुराते हुए कहा था, “बारशी में सारी ताकत आपकी है।”

दिलीप सोपाल का भावुक बयान

दिलीप सोपाल ने कहा कि अजित पवार का जाना उनके लिए निजी नुकसान है। उन्होंने कहा, “1985 से मेरी और दादा की राजनीतिक और पारिवारिक यादें जुड़ी थीं। यह महाराष्ट्र पर किस्मत का क्रूर प्रहार है, जिसकी भरपाई संभव नहीं।”