रीवा में ‘स्टैंडर्ड भिखारी’ बन सड़क पर उतरे उपयंत्री, चमचमाती शर्ट पहनकर मांगी भीख; वजह जान हो जाएंगे हैरान
Rajesh Pratap Begging Incident: रीवा की सड़क पर जींस पैंट पहन कटोरा लेकर भीख मांगने उतरे मऊगंज के उपयंत्री राजेश प्रताप सिंह, 10 महीने से भत्ता न मिलने पर जताया अनोखा विरोध।
- Reported By: अर्पित पाण्डेय | Edited By: सजल रघुवंशी
उपयंत्री बना स्टैंडर्ड भिखारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Rewa Sub Engineer Became Begger: सरकारी विभागों में कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने की घटनाएं तो अक्सर सामने आती हैं लेकिन रीवा संभाग में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हैरानी में डाल दिया। मऊगंज नगर परिषद में पदस्थ उपयंत्री राजेश प्रताप सिंह ने अपनी ही सरकार और विभाग के खिलाफ विरोध का ऐसा तरीका अपनाया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
करीब 10 महीने से जीवन निर्वाह भत्ता नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए उपयंत्री राजेश प्रताप सिंह ने दो दिन पहले नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त संचालक को पत्र सौंपकर चेतावनी दी थी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे परिवार का भरण-पोषण करने के लिए भिक्षावृत्ति करने को मजबूर होंगे। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके द्वारा किए गए कई आवेदनों और शिकायतों पर एक वर्ष से कोई कार्रवाई नहीं की गई है तथा उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
उपयंत्री की चेतावनी को प्रशासन ने नहीं समझा गंभीर
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि 12 जून से वे संयुक्त संचालक कार्यालय के सामने भीख मांगना शुरू कर देंगे। प्रशासन ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद गुरुवार को राजेश प्रताप सिंह अपने वादे के अनुसार सड़क पर उतर आए। रीवा शहर के बीच चौराहे पर जींस पैंट और चमचमाती शर्ट पहने उपयंत्री हाथ में कटोरा लेकर लोगों से भीख मांगते नजर आए। एक सरकारी अधिकारी को इस तरह सड़क पर भीख मांगते देख राहगीर भी हैरान रह गए। कई लोगों ने उन्हें पहचान लिया और घटना का वीडियो एवं फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
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पिछले 10 महीनें से नहीं मिला जीवन निर्वाह भत्ता
राजेश प्रताप सिंह का कहना है कि उन्हें पिछले 10 महीनों से जीवन निर्वाह भत्ता नहीं मिला है, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मामलों में जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही और जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। आर्थिक संकट इतना गहरा गया है कि अब उनके पास भीख मांगने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
नगरीय प्रशासन विभाग में मची खलबली
इस पूरे घटनाक्रम ने नगरीय प्रशासन विभाग में खलबली मचा दी है। एक ओर जहां विभागीय अधिकारी मामले पर कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क पर उतरकर भीख मांगते उपयंत्री की तस्वीरें और वीडियो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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अब देखना होगा कि एक सरकारी अधिकारी के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद विभाग हरकत में आता है या फिर राजेश प्रताप सिंह का यह संघर्ष आगे और बड़ा रूप लेता है। फिलहाल रीवा की सड़कों पर ‘स्टैंडर्ड भिखारी’ बने उपयंत्री की चर्चा हर जुबान पर है और यह मामला पूरे संभाग में सुर्खियां बटोर रहा है।
