
Madhya Pradesh Top 10 News Navbharat Live: मध्य प्रदेश में शनिवार को शिक्षा, मौसम, प्रशासन, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की TET को लेकर बड़ी घोषणा से लेकर भारी बारिश और बाढ़ के हालात, प्रशासनिक फेरबदल, मंदिर स्थानांतरण और रीवा अस्पताल की चौंकाने वाली घटना तक कई खबरों ने प्रदेश में सुर्खियां बटोरीं। आइए नजर डालते हैं मध्य प्रदेश की आज की 10 बड़ी खबरों पर।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अब ऑफलाइन माध्यम से भी आयोजित की जाएगी। शिक्षक दिवस पर भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी घोषणा की। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा से TET अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जबलपुर में नर्मदा नदी के किनारे लगने वाली ‘घाट की पाठशाला’ शिक्षा के जुनून की अनोखी मिसाल बन रही है। यहां न आलीशान स्कूल भवन है, न स्मार्ट क्लास और न ही टेबल-कुर्सियों की सुविधा। पराग सर कभी आश्रम तो कभी घाट की सीढ़ियों पर बच्चों को पढ़ाते हैं। यहां बच्चे गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और संस्कृत जैसे विषयों की पढ़ाई करते हैं। प्राकृतिक माहौल में चल रही यह पाठशाला बच्चों की प्रतिभा निखार रही है।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश के बाद अब मानसूनी सिस्टम उत्तरी क्षेत्रों में सक्रिय है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। शनिवार को श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, सागर समेत 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।
लगातार बारिश के चलते मुरैना में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। जिले का सबसे बड़ा पगारा डैम आधी रात को लबालब भर गया। जलस्तर 652 फीट पहुंचने के बाद डैम के सभी छह ऑटोमैटिक गेट एक-एक कर खुल गए। रात 10 बजे से करीब 40 हजार क्यूसेक पानी आसन नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन ने किनारे बसे 32 गांवों में अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे से पहले मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। राज्य सरकार ने 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिनमें सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा छह राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी को हटाकर दिलीप कुमार को नया संभागायुक्त बनाया गया है। कुमार पुरुषोत्तम को उद्योग और लघु उद्योग निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
अजनार नदी को अकेले अपने प्रयासों से साफ करने वाले बिट्टू की पहल अब प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है। बिना किसी सरकारी मदद और बड़ी टीम के बिट्टू लंबे समय से नदी से कचरा निकालने का काम कर रहे हैं। उनके पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे विशेष मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बिट्टू के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए उनके कार्य को पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक मिसाल बताया।
राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र में कलियासोत नदी के किनारे बारिश के दौरान सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक जमीन में धंस गया। घटना आम्रवेली परिसर के अंदर हुई, जहां सड़क धंसने की चपेट में रहवासियों की तीन गाड़ियां आ गईं। इनमें दो वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। सड़क धंसते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद गाड़ियों को बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद ली गई। घटना ने इलाके की सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए करीब 170 साल पुराने हनुमान मंदिर की प्रतिमा को स्थानांतरित करने की कोशिश जारी है। कंठाल से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर को नई जगह ले जाने की प्रक्रिया चल रही है। मंदिर के सेवादार महेश पंडित के अनुसार प्रतिमा हटाने का तीसरा प्रयास किया जा रहा है। दीवारें हटाने के बाद भी प्रतिमा निकालना मुश्किल हुआ। अब पुरातत्व विभाग की टीम सुरक्षित स्थानांतरण के लिए नया तरीका सुझा रही है।
मध्य प्रदेश के चर्चित नर्सिंग कॉलेज मामले के बीच सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र स्थित आयुष्मान कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज की मान्यता को लेकर सवाल उठे हैं। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कॉलेज की मान्यता प्रक्रिया, भवन, फैकल्टी और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस संबंध में सीबीआई भोपाल के संयुक्त निदेशक, मुख्यमंत्री और संबंधित विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई है। मामले की जांच की मांग की गई है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। इलाज के लिए भर्ती एक मरीज को कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए और शव घर ले जाने के लिए वाहन भी बुक कर लिया। इसी दौरान मरीज की सांसें चलती मिलीं। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और मरीज को दोबारा इलाज के लिए शिफ्ट किया गया।