

Morena Flood Like Condition Ground Report: मुरैना लगातार हो रही बारिश के कारण मुरैना जिले में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। जिले का सबसे बड़ा पगारा डैम आधी रात को लबालब हो गया। जलस्तर 652 फीट पर पहुंचते ही डैम के सभी छह ऑटोमैटिक गेट एक-एक कर खुल गए। रात 10 बजे से डैम से करीब 40 हजार क्यूसेक पानी आसन नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे आसन और उससे जुड़ी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आसन नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे 32 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
जिला मुख्यालय से सटे घुरैया बसई गांव में कुरई नदी का पानी खेतों में भर गया है। कई किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। नदी के उफान के कारण गांव का रपटा भी पानी में डूब गया, जिससे लोग जोखिम उठाकर आवागमन करते रहे। सूचना मिलने पर सुमावली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कराया। उधर क्वारी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। बागचीनी, पलपुरा और बिसंगपुर गांव की पुलिया और रपटे पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर रपटों के ऊपर पांच से सात फीट तक पानी बह रहा है। इससे दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
रामपुर क्षेत्र में जालौनी पुल तक नदी का पानी पहुंच गया है और पुल से महज दो फीट नीचे बह रहा है। यदि बारिश जारी रही तो पुल पर भी पानी आने की आशंका बढ़ गई है।
लगातार बारिश का असर कैलारस क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। यहां पुलिस थाना, तहसील, जनपद कार्यालय सहित कई सरकारी परिसरों में पानी भर गया है। सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से खेड़ा-मानगढ़, अर्रोदा, माली बाजरा, ब्रह्मबाजना, बारा और डमेजर गांवों में पानी पहुंच गया है। गस्तौली गांव में कई घरों में एक से दो फीट तक पानी भर गया है। किसानों के घरों में रखा अनाज और मवेशियों का चारा भी भीग गया है। कैलारस-सबलगढ़ के बीच नेशनल हाईवे-552 पर भी कुछ स्थानों पर करीब एक फीट तक पानी आ गया है।
बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश को देखते हुए मुरैना पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से नदी-नालों व डूबे हुए रपटों से दूर रहने की अपील की जा रही है। मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो आने वाले घंटों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
घुरैया बसई गांव निवासी संजय सिंह गुर्जर का कहना है कि चार से पांच गांव इसमें आते है सभी गांवो का रास्ता है। रपटा कुरई नदी पर आता है। पगारा डैम का पानी आसन नदी पहुंचने से पानी बढ़ता है, तो भी इसमें पानी रपटे पर आता है। अन्य कोई रास्ता नहीं है, हर साल परेशानी होती है। अगर किसी की तबीयत खराब हो जाए तो निकालने के लिए कोई व्यवस्था नही है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर निकलते हैं। यहां ऊंचा पुल बनाया जाए।
सुमावली थाना प्रभारी एमएल गौर का कहना है कि घुरैया बसई का रपटा है। आसन में पानी बढ़ने से पानी आया है। चेतावनी दे दी गई है इस रास्ते से न जाए। चार से पांच मजरे है उनको परेशानी आ रही है। लोग जान जोखिम में न डालें। दूसरे रास्ते से ही ग्रामीणों को निकाला जाएगा।
जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव का कहना है कि हमने ग्राम पंचायत में कोटवार, पटवारियों के माध्यम से कहा है हर सूचना दें। कोई भी घटना घटित होती है तो तत्काल सहायता दी जाएगी। कुछ गांव में संपर्क टूटा है उसकी भी जानकारी ली है। पगारा डैम के गेट खुलने की सूचना पहले ही कर दी थी। अभी तक कोई घटना सामने नहीं आई है। पुलिस की टीम भी लगी हुई है। सभी जगह स्थिति नियंत्रण में है। घुरैया बसैया में पंचायत प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। बैरीकेट्स लगाकर लोगों को भी समझाइश दी गई है। इसके लिए कंट्रोल रूम भी बनाया है।