भोपाल के कोलार में आधी रात को बड़ा हादसा, आम्रवेली परिसर में धंसी सड़क; गड्ढे में समाईं 3 गाड़ियां

Bhopal Kolar Road Collapse: भोपाल के कोलार में बड़ा हादसा, बारिश के बीच आम्रवेली परिसर में अचानक धंसी 15 फीट चौड़ी सड़क, क्रेन की मदद से निकाली गईं 3 गाड़ियां।
road collapses in Amraveli campus Kolar Bhopal
आम्रवेली परिसर मेमं धंसी सड़क(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Three Vehicles Trapped In Pit Bhopal: राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में कलियासोत नदी के किनारे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बारिश के बीच आम्रवेली परिसर के अंदर अचानक सड़क का बड़ा हिस्सा जमीन में धंस गया।

सड़क धंसने की चपेट में रहवासियों की तीन गाड़ियां आ गईं। इनमें से दो गाड़ियों को काफी नुकसान हुआ है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और गाड़ियों को निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी।

रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच हुआ हादसा

रहवासियों के मुताबिक हादसा रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच हुआ। उस वक्त बारिश हो रही थी। इसी दौरान अचानक करीब 15 फीट चौड़ी सड़क का हिस्सा धंस गया और देखते ही देखते सड़क के नीचे गहरी जगह बन गई। सड़क के किनारे खड़ी तीन गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। रहवासियों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। गनीमत रही कि जिस वक्त सड़क धंसी, उस दौरान वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना हादसा बड़ा हो सकता था।

दो गाड़ियों में हुआ बड़ा नुकसान

हादसे में तीन वाहन दुर्घटना का शिकार हुए हैं। रहवासियों के मुताबिक इनमें से दो गाड़ियों को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि बिल्डिंग बनाने वाले बिल्डर की ओर से प्रभावित लोगों को नुकसान की भरपाई करने की बात कही गई है। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सिर्फ तीन गाड़ियों के नुकसान का नहीं है।

गाड़ियां दोबारा बन सकती हैं, लेकिन जान का नुकसान हुआ तो?

रहवासियों का कहना है कि अगर बिल्डर गाड़ियों का नुकसान भरपाई कर भी देता है तो इससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। सवाल यह है कि अगर सड़क धंसने के दौरान कोई व्यक्ति इसकी चपेट में आ जाता और उसकी जान चली जाती, तो उस नुकसान की भरपाई कैसे होती?कलियासोत नदी के ठीक बगल में बसी इस कॉलोनी में जमीन और सड़क के इस तरह धंसने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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नदी के किनारे निर्माण, भविष्य की सुरक्षा पर सवाल

कलियासोत नदी को लेकर पहले भी नदी के आसपास निर्माण और 33 मीटर के दायरे को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा में भी कलियासोत नदी की सीमा और उसके 33 मीटर दायरे में बने बहुमंजिला आवासों को लेकर सवाल दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में अब बारिश के दौरान नदी से सटे इलाके में सड़क का अचानक धंस जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

क्या यहां जमीन की मजबूती की जांच हुई थी?

क्या सड़क और कॉलोनी के निर्माण के दौरान नदी के किनारे की जमीन की सुरक्षा का पर्याप्त ध्यान रखा गया? क्या संबंधित विभागों ने निर्माण से पहले और बाद में सुरक्षा मानकों की जांच की थी? और सबसे बड़ा सवाल- अगर अगली बार गाड़ी नहीं, कोई इंसान धंसा तो? आज हादसे में तीन गाड़ियों को नुकसान हुआ है। कल अगर इसी तरह सड़क का हिस्सा दोबारा धंसता है और कोई व्यक्ति, बच्चा या वाहन इसकी चपेट में आता है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?गाड़ी का नुकसान पैसा देकर पूरा किया जा सकता है, लेकिन एक इंसानी जिंदगी वापस नहीं लाई जा सकती। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इसपर क्या संज्ञान लेता है।

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