

MP IAS And CEO Officers Transfer: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इनमें सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने अलग आदेश जारी कर 6 राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
प्रशासनिक फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी को हटाकर दिलीप कुमार को नया संभागायुक्त बनाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर सचिव और राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी संभाल रहे कुमार पुरुषोत्तम को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्हें आयुक्त, उद्योग और प्रबंध संचालक, लघु उद्योग निगम की जिम्मेदारी भी दी गई है।
2011 बैच की आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या को भी वर्तमान जिम्मेदारियों से हटाया गया है। वे संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं और प्रबंध संचालक, पंचायत अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का काम देख रही थीं। पिछले दिनों विभाग की एक बैठक में महिला अधिकारियों के साथ कथित अभद्रता को लेकर उनके खिलाफ शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद अधिकारियों ने पेन डाउन हड़ताल भी की थी और 14 अगस्त के घटनाक्रम को लेकर मुख्य सचिव से शिकायत की गई थी। अब उन्हें प्रबंध संचालक, अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम की जिम्मेदारी दी गई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता को भी विभाग से हटाया गया है। करीब एक सप्ताह पहले संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी के साथ कथित डांट-फटकार के बाद विभागीय अधिकारियों में नाराजगी सामने आई थी। अधिकारियों ने आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। शासन स्तर पर हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई थी। अब निधि निवेदिता को राजस्व विभाग में पदस्थ किया गया है। वहीं, लोक सेवा आयोग इंदौर की सचिव शीतल पटले को आगामी आदेश तक श्रम आयुक्त, इंदौर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
आईएएस तबादलों के साथ 6 एसएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और सिंहस्थ उज्जैन के अपर मेला अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। माना जा रहा है कि जिला पंचायत सीईओ स्तर पर बदलाव से संबंधित जिलों में प्रशासनिक कामकाज का नया बंटवारा होगा। वहीं, सिंहस्थ 2028 से जुड़े पदों पर नियुक्तियां आगामी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री के दुबई दौरे से पहले हुए इस फेरबदल को प्रशासनिक स्तर पर अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।